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हिमाचल स्वास्थ्य विभाग: डाॅक्टरों, नर्सों की जहां तैनाती होगी, वहीं पर देनी होगी सेवाएं, सिफारिश नहीं चलेगी

Sat, 19 Sep 2026 06:45 AM IST
Krishan Singh अमर उजाला ब्यूरो, शिमला।

सार

प्रदेश के सरकारी अस्पतालों और स्वास्थ्य केंद्रों में डॉक्टरों, नर्सों और पैरामेडिकल स्टाफ की कमी दूर करने के लिए अब तैनाती की व्यवस्था को जरूरत आधारित बनाया जाएगा। 
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स्वास्थ्य विभाग, हिमाचल प्रदेश। - फोटो : अमर उजाला नेटवर्क
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विस्तार
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हिमाचल प्रदेश के सरकारी अस्पतालों और स्वास्थ्य केंद्रों में डॉक्टरों, नर्सों और पैरामेडिकल स्टाफ की कमी दूर करने के लिए अब तैनाती की व्यवस्था को जरूरत आधारित बनाया जाएगा। स्वास्थ्य विभाग में नियुक्त होने वाले कर्मचारियों को मनपसंद अस्पताल और स्वास्थ्य केंद्र में तैनाती देने के बजाय उन संस्थानों में भेजा जाएगा, जहां स्टाफ की सबसे अधिक आवश्यकता है। स्वास्थ्य विभाग में डॉक्टरों के 200 से ज्यादा पदों पर भर्ती की प्रक्रिया शुरू कर दी गई है। इसके बाद 250 और डाॅक्टरों के पदों को भरा जाना है। इसके साथ ही नर्सों की भर्ती प्रक्रिया को भी शुरू किया गया है। सरकार ने स्पष्ट किया है कि भर्ती और तैनाती में किसी तरह की सिफारिश को आधार नहीं बनाया जाएगा। नियुक्त होने वाले डॉक्टरों को विभाग की ओर से निर्धारित जरूरत के अनुसार अस्पतालों और स्वास्थ्य संस्थानों में भेजा जाएगा।

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सरकार की प्राथमिकता जनजातीय और कठिन भौगोलिक परिस्थितियों वाले क्षेत्रों में स्वास्थ्य सेवाओं को मजबूत करना है। इन क्षेत्रों के अस्पतालों में डॉक्टरों और अन्य स्वास्थ्य कर्मियों की उपलब्धता सुनिश्चित करने के लिए नई भर्तियों से मिलने वाले मानव संसाधन का इस्तेमाल किया जाएगा। इसके अलावा नर्सिंग और पैरामेडिकल स्टाफ की तैनाती में भी संस्थानवार आवश्यकता को ध्यान में रखा जाएगा। स्वास्थ्य सचिव आशीष सिंहमार ने कहा कि जिन स्वास्थ्य संस्थानों में डाॅक्टरों की कमी है, वहां डॉक्टरों को भेजा जाना है। जनजातीय क्षेत्रों में डाॅक्टरों की तैनाती को लेकर प्राथमिकता दी जा रही है। जरूरत के अनुसार तैनाती होने से प्राथमिक और सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्रों में सेवाएं बेहतर होंगी, साथ ही जिला और राज्य स्तरीय अस्पतालों पर मरीजों का दबाव कम करने में भी मदद मिलेगी।
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