कर्नाटक की तर्ज पर हिमाचल में भी ई सेवाओं का दायरा बढ़ाया जाएगा। तकनीकी शिक्षा मंत्री राजेश धर्माणी ने बंगलूरू में सिटीजन सर्विस सेवा के तहत दी जा रही 850 सेवाओं की जानकारी जुटाई। उन्होंने कर्नाटक के उपमुख्यमंत्री डीके शिवकुमार से दोनों राज्यों की योजनाओं पर चर्चा की।
धर्माणी ने बेंगलुरु में इलेक्ट्रॉनिक डिलीवरी ऑफ सिटीजन सर्विस निदेशालय का दौरा कर सिटीजन सर्विस सेवा के बारे में जाना। ईडीसीएस के माध्यम से लोगों को तकनीकी रूप से एकीकृत तरीके से 850 से अधिक सेवाएं दी जा रही हैं। धर्माणी ने कहा कि हिमाचल के लोगों को घर-द्वार पर बेहतर सेवाएं उपलब्ध करवाने के लिए इस तरह के नवाचार अपनाने के प्रयास किए जाएंगे। उन्होंने कहा कि प्रदेश में हाइड्रो पावर, तकनीकी शिक्षा और कौशल विकास में निवेश की अपार संभावनाएं हैं। इन क्षेत्रों में संयुक्त उद्यम स्थापित करने की दिशा में कार्य करने की आवश्यकता है।
धर्माणी ने कहा कि हिमाचल को आत्मनिर्भर प्रदेश बनाने के लिए प्रदेश सरकार राज्य के संसाधनों का समग्र उपयोग सुनिश्चित कर रही है। सरकार पर्यावरण संरक्षण के साथ-साथ जल विद्युत और नवीकरणीय ऊर्जा का दोहन करने पर विशेष ध्यान केंद्रित कर रही है। राज्य में हरित उद्योगों को बढ़ावा दिया जा रहा है।
डीके शिव कुमार ने तकनीकी शिक्षा मंत्री को इन क्षेत्रों में संयुक्त रूप से कार्य करने का आश्वासन दिया। धर्माणी ने कर्नाटक में तकनीक कौशल विकास और सूचना प्रौद्योगिकी के क्षेत्र में किए जा रहे विविध आयामों को जानने के लिए टीम लीज डिजिटल प्राइवेट लिमिटेड कर्नाटक के सीईओ नीति शर्मा से भी भेंट की।