राज्य सरकार शैक्षणिक सत्र 2026-27 से प्रदेश के करीब 100 सरकारी स्कूलों में सीबीएसई पाठ्यक्रम लागू करने जा रही है। सभी स्कूलों को सीबीएसई से संबंद्ध करवाने की प्रक्रिया अंतिम चरण में है। 83 स्कूलों को संबद्धता मिल चुकी है। शेष को इस माह के अंत तक संबद्ध कर दिया जाएगा। सीबीएसई पाठ्यक्रम के साथ ही वर्दी, शैक्षणिक ढांचे और शिक्षण पद्धति में भी बदलाव किए जाएंगे, ताकि छात्रों को राष्ट्रीय स्तर की शिक्षा व्यवस्था से जोड़ा जा सके। शिक्षा विभाग के अधिकारियों ने बताया कि सीबीएसई पाठ्यक्रम वाले स्कूलों को अपनी वर्दी का रंग खुद चुनने का अधिकार दिया जाएगा। हालांकि, यह चयन सरकार द्वारा तय किए गए पांच रंग विकल्पों में से ही करना होगा। इससे एक ओर जहां प्रदेशभर में एक समान पहचान बनी रहेगी, वहीं दूसरी ओर स्कूलों को अपनी स्थानीय जरूरतों के अनुसार निर्णय लेने की स्वतंत्रता भी मिलेगी।
वर्दी के रंग तय करते समय इस बात का भी विशेष ध्यान रखा जा रहा है कि अभिभावकों पर अतिरिक्त आर्थिक बोझ न पड़े। ऐसे रंग चुने जाएंगे, जिनका कपड़ा आसानी से उपलब्ध हो और जिनकी कीमत भी सामान्य हो। सरकार का मानना है कि इससे हर वर्ष वर्दी बदलने की मजबूरी नहीं रहेगी और लंबे समय तक एक ही पैटर्न अपनाया जा सकेगा।