डीजीपी डॉ. अतुल वर्मा के खींचतान में शामिल होने और अन्य पहलुओं पर चर्चा के बाद उन्हें भी फिलहाल छुट्टी पर भेजने का निर्णय लिया गया। हालांकि डीजीपी 31 मार्च को सेवानिवृत्त हो रहे हैं। इसी तरह अतिरिक्त मुख्य सचिव गृह की कार्रवाई की रिपोर्ट से भी सरकार नाखुश है। इसे एक पक्ष से ही बातचीत पर आधारित माना जा है। मुख्यमंत्री सुखविंद्र सिंह सुक्खू एक दिन पहले ही तीनों अधिकारियों की भूमिका पर तीखी प्रतिक्रिया दे चुके थे।
पंत, कदम और राखिल को दिए ओंकार के विभाग
ओंकार शर्मा के पास जनजातीय विकास, राजस्व, जलशक्ति, गृह और विजिलेंस विभाग भी रहे हैं। वह प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड के अध्यक्ष भी रहे हैं। उन्हें अवकाश पर भेजे जाने के बीच अब अतिरिक्त मुख्य सचिव कमलेश कुमार पंत को गृह, विजिलेंस व राजस्व, प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड चेयरमैन, सचिव कदम संदीप वसंत को जलशक्ति विभाग और सचिव राखिल काहलों को जनजातीय विकास विभाग का जिम्मा दिया गया है।