इन शिकायतों की हो रही जांच
एजेंसी के स्तर पर केंद्र सरकार के कार्यालयों से जुड़े भ्रष्टाचार, रिश्वत, ठेकों और वित्तीय अनियमितताओं की शिकायतों की जांच की जा रही है। शिकायत मिलने पर प्रारंभिक सत्यापन में प्रथम दृष्टया तथ्य सामने आने पर प्राथमिकी दर्ज करने, ट्रैप, तलाशी और पूछताछ जैसी कार्रवाई की जा सकती है। इसी कड़ी में रेलवे बोर्ड भवन स्थित आयकर कार्यालय के एक अधिकारी के खिलाफ पांच लाख रुपये रिश्वत मांगने के आरोप में सीबीआई भ्रष्टाचार निरोधक अधिनियम के तहत जांच कर रही है। अधिकारी पिछले करीब एक साल से एजेंसी की निगरानी में बताया जा रहा है। जुलाई में सीबीआई ने मनाली में सैन्य अभियंत्रण सेवा के सहायक गैरिसन अभियंता को निजी फर्म के बिलों के भुगतान के बदले कथित 93 हजार रुपये रिश्वत मांगने के मामले में गिरफ्तार किया था।
एजेंसी के अनुसार अधिकारी को 53 हजार रुपये लेते पकड़ा गया था। तलाशी में आवास से 10 लाख रुपये नकद मिलने की बात सामने आई थी। मामले में अधिकारी की पत्नी को भी आरोपी बनाया गया है। सीमा सड़क संगठन के प्रोजेक्ट दीपक से जुड़े खरीद और ठेका मामलों में भी सीबीआई पहले प्राथमिकी, तलाशी और आरोपपत्र की कार्रवाई कर चुकी है। वर्ष 2024 में शिमला स्थित प्रवर्तन निदेशालय के एक अधिकारी से जुड़े कथित रिश्वत मामले में भी एजेंसी ने कार्रवाई की थी। मार्च 2026 में एनएचएआई के एक अधिकारी और चंडीगढ़ की एक महिला वास्तुकार के खिलाफ कथित 10 लाख रुपये रिश्वत मांगने के आरोप में मामला दर्ज किया गया था। इन मामलों के बीच केंद्रीय कार्यालयों से जुड़े नए इनपुट पर भी सीबीआई की नजर बनी हुई है।