एलएसडी तस्करी को आरोपी संदीप और नविएल हैरिसन ने कुल्लू जिले में अंजाम दिया था। यहां पर एसटीएफ कुल्लू में कार्यरत इन पुलिस कर्मचारियों ने तस्करों को पकड़ने के बाद छोड़ दिया था। जांच में चारों एसटीएफ कर्मियों की नशा तस्करी में संलिप्तता के सबूत भी मिले हैं। मामला संज्ञान में आने के बाद शिमला पुलिस की संस्तुति पर एडीजी सीआईडी ने विस्तृत जांच की। 16 मार्च को इन चारों कर्मचारियों को सस्पेंड कर दिया गया और लाइन हाजिर कर पुलिस हेडक्वार्टर शिमला में तैनात कर दिया। शुक्रवार को आरोपी अदालत में पेश किए जाएंगे। पुलिस को उम्मीद है कि पूछताछ में इनसे और नए खुलासे हो सकते हैं।
चारों की हो सकती है बर्खास्तगी
अतिरिक्त पुलिस महानिदेशक (सीआईडी) ज्ञानेश्वर सिंह ने बताया कि नशा तस्करों के खिलाफ जीरो टॉलरेंस की नीति पर काम किया जा रहा है। प्रारंभिक जांच के आधार पर चारों को गिरफ्तार कर लिया गया है। आगे जांच के आधार पर चारों को बर्खास्त भी किया जा सकता है।
यह है मामला
10 मार्च को शिमला पुलिस ने बीसीएस में पंजाब के संदीप शर्मा और सिरमौर जिले की प्रिया शर्मा को एलएसडी नशे की 562 स्टि्रप के साथ गिरफ्तार किया था। दोनों से पूछताछ के बाद पुलिस ने मुख्य सप्लायर केरल का नविएल हैरिसन गिरफ्तार किया। आरोपियों से पूछताछ के बाद शिमला पुलिस को पता चला है कि वे एलएसडी नशा लेकर पहले कुल्लू भी गए थे।