पुलिस महानिदेशक अशोक तिवारी ने बताया कि हाल ही में देखने में आया है कि कुछ असामाजिक तत्व आपदा की स्थिति का फायदा उठाकर सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर गलत जानकारी और अफवाहें फैलाते हैं। ऐसी गतिविधियों से न केवल जनता में अनावश्यक डर फैलता है, बल्कि बचाव टीमों का ध्यान भी भटकता है। इससे वास्तविक पीड़ितों तक मदद पहुंचने में देरी हो सकती है।
जारी किए गए दिशा-निर्देशों के अनुसार जिला पुलिस अधीक्षक अपने क्षेत्रों में सोशल मीडिया पर कड़ी निगरानी रखेंगे। किसी भी संदिग्ध पोस्ट, तस्वीर या वीडियो पर जिसमें अफवाह फैलाने या झूठी सूचना देने की आशंका हो तत्काल कार्रवाई की जाएगी। ऐसे मामलों में भारतीय दंड संहिता की विभिन्न धाराओं के तहत एफआईआर दर्ज की जाएगी। इनमें लोक शांति भंग करने (धारा 153ए), 196 (2) अफवाह फैलाने (धारा 356) और झूठी सूचना फैलाने (धारा 505(1)बी) जैसी धाराएं शामिल हैं। इसके अतिरिक्त सूचना प्रौद्योगिकी (आईटी) अधिनियम के तहत भी कार्रवाई की जा सकती है।