अटल टनल के आसपास में दो सेंटीमीटर तक हिमपात हुआ है। चंबा के भरमौर और पांगी की चोटियों पर नौ सेंटीमीटर बर्फबारी हुई। मणिमहेश, कुगती, चौविया, खपरांस, कालीछौह और कांगड़ा में धौलाधार की पहाड़ियों पर भी हिमपात हुआ है। कांगड़ा जिले के कई क्षेत्रों में बारिश हुई है। इससे फसलों को संजीवनी मिली है। हालांकि, गेहूं के लिए अभी और बारिश की आवश्यकता है।
जनजातीय जिला किन्नौर के भी अधिकांश ऊंचाई वाले क्षेत्रों में बर्फबारी हुई। निचले क्षेत्रों में बारिश का दौर जारी रहा। उधर, राजधानी शिमला में दिनभर बादल छाए रहे। दोपहर को शहर में हल्की बारिश हुई। ऊना में अधिकतम तापमान 25.0, बिलासपुर में 23.2, सुंदरनगर में 22.9, भुंतर में 22.8, सोलन-कांगड़ा में 22.0, मंडी में 20.7, नाहन में 20.0, धर्मशाला में 17.9, शिमला में 17.6, मनाली में 14.7, कल्पा में 7.0 और केलांग में 4.6 डिग्री सेल्सियस रिकॉर्ड हुआ।
घर की छतों से बर्फ हटा रहे हैं लोग
जनजातीय क्षेत्र पांगी के किलाड़ मुख्यालय में एक फीट, जबकि ऊपरी क्षेत्रों में 2 फीट के करीब ताजा बर्फबारी ने किसानों भगवानों को बड़ी राहत देने का काम किया है। बर्फबारी के बाद क्षेत्र में शीतलहर का प्रकोप बढ़ गया है। वहीं, जनजातीय क्षेत्र के विभिन्न रूटों पर यातायात व्यवस्था पूरी तरह से ठप पड़ गई है। एचआरटीसी प्रबंधन ने बिगड़ते मौसम को देखते हुए मंगलवार देर रात तक विभिन्न रूटों पर भेजी गई बसों को किलाड़ मुख्यालय में वापस बुला लिया। जिससे किसी प्रकार की कोई दिक्कत सामने न आए। बुधवार कल सुबह से ही घरों की छतों पर गिरी बर्फ को हटाने में लोग जुटे दिखे।