इसके चलते दोपहर के समय अधिकांश ग्रामीण अपने घरों में नहीं मिल रहे हैं। इस स्थिति को देखते हुए प्रत्याशियों ने भी अपनी रणनीति बदल दी है। अब उम्मीदवार वोटरों तक पहुंचने के लिए सीधे खेतों और बगीचों का रुख कर रहे हैं। वहां वे किसानों से काम के दौरान ही मुलाकात कर अपने चुनावी वादे और योजनाएं साझा कर रहे हैं। दूसरी ओर, सुबह और शाम के समय चुनाव प्रचार अभियान अधिक तेज हो गया है, क्योंकि इसी दौरान ग्रामीण अपने घरों में उपलब्ध रहते हैं।
जनसमर्थन जुटाने के लिए प्रत्याशी शाम से देर रात तक चौपाल पर बैठकें और नुक्कड़ सभाएं आयोजित कर रहे हैं। देखना यह होगा कि लहसुन और टमाटर के इस व्यस्त सीजन के बीच, कौन प्रत्याशी मतदाताओं को रिझाने में सबसे ज्यादा कामयाब हो पाते हैं। जहां एक ओर दिन के समय प्रत्याशियों की परीक्षा खाली घर ले रहे हैं, वहीं दूसरी ओर तेज गर्मी भी अब पसीने निकाल रही है। ग्रामीण क्षेत्रों में जनसंपर्क अभियान के दौरान कई किलोमीटर पैदल चलना पड़ता है। ऐसे में तेज धूप व गर्मी के कारण उनका हाल बेहाल हो रहा है। बीते कुछ दिनों से लगातार धूप व गर्मी बढ़ती जा रही है। जिससे प्रत्याशियों की मुसीबत भी बढ़ रही है। हिमाचल प्रदेश में पंचायतीराज चुनाव तीन चरणों में हो रहा है।