नई दिल्ली प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) ने कोडीन वाली खांसी की दवा कोक्रेक्स को नशे के तौर पर बेचने के आरोपों की जांच तेज कर दी है। एजेंसी ने सोमवार को हरियाणा के पानीपत में मौजूद एक करोड़ रुपये की औद्योगिक जमीन अस्थायी रूप से जब्त कर ली। यह जमीन हिमाचल प्रदेश के सिरमौर की कंपनी विदित हेल्थकेयर प्राइवेट लिमिटेड की है। कार्रवाई धनशोधन निवारण कानून (पीएमएलए) के तहत की गई है।
ईडी ने बताया कि उसने जम्मू जोन में नारकोटिक्स कंट्रोल ब्यूरो (एनसीबी) की ओर से दर्ज मामले के आधार पर जांच शुरू की थी। आरोप है कि विदित हेल्थकेयर के प्रबंध भागीदार (मैनेजिंग पार्टनर) नीरज भाटिया, निकेत कांसल और अन्य लोगों ने कोडीन आधारित खांसी की दवा कोक्रेक्स को अवैध रूप से नशे के रूप में इस्तेमाल करने वालों तक पहुंचाया।
जांच में पता चला कि साल 2018 से 2024 के बीच कंपनी ने करीब 16.74 करोड़ रुपये की कोडीन सिरप, दिल्ली के निकेत की ओर से संचालित इकाइयों एसएस इंडस्ट्रीज, कांसल इंडस्ट्रीज, नोवेता फार्मा, कान्सल फार्मा और एनके फार्मास्यूटिकल्स को भेजी। इसी सप्लाई का एक हिस्सा श्रीनगर के रईस अहमद भट तक पहुंचा, जिनके पास से 14 जनवरी, 2024 को बड़ी मात्रा में दवा बरामद हुई।
ईडी के अनुसार, विदित हेल्थकेयर ने इस अवैध कारोबार से करीब 2.92 करोड़ रुपये का मुनाफा कमाया। इससे पहले 13 फरवरी को नीरज भाटिया और निकेत कांसल के ठिकानों पर छापे में 32 लाख रुपये नकद और 1.61 करोड़ रुपये के गहने मिले थे।