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Himachal News: चीफ सेक्रेटरी प्रबोध सक्सेना ने दी होली पर पार्टी, 1 लाख 22 हजार 20 रुपये का बिल अब सरकार भरे

Thu, 17 Apr 2025 11:02 AM IST
अंकेश डोगरा अमर उजाला ब्यूरो, शिमला।

सार

मुख्य सचिव प्रबोध सक्सेना ने होली पर अधिकारियों के लिए एक पार्टी दी थी और उसका खर्च सरकारी खाते से लगाया है। पढ़ें पूरी खबर...
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हिमाचल चीफ सेक्रेटरी ने दी पार्टी/पार्टी का बिल। - फोटो : संवाद न्यूज एजेंसी
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विस्तार
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करीब एक लाख करोड़ रुपये के कर्ज और आर्थिक चुनौतियों से जूझ रहे हिमाचल में अफसरशाही ने होली की पार्टी पर ही सवा लाख रुपये खर्च कर दिए। इसका बिल सामान्य प्रशासन विभाग (जीएडी) को थमा दिया। सूत्रों के अनुसार यह पार्टी मुख्य सचिव की ओर से बुलाई गई थी। भुगतान के लिए सामान्य प्रशासन विभाग को थमाए होटल होलीडे होम के बिल में 75 अफसरों का लंच और स्नैक्स दर्शाए गए हैं। यानी एक अधिकारी पर लंच में एक हजार रुपये खर्च हुए। इसमें 18 प्रतिशत जीएसटी व 10 प्रतिशत अन्य शुल्क शामिल किया है। इसमें क्रमवार 7,500 रुपये और 14,850 रुपये और जोड़े गए।

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यानी कुल खर्च 97,350 रुपये का हुआ। टैरेस चार्जेस के रूप में 11,800 रुपये लिए। इस तरह से अफसरों के लंच पर कुल व्यय 1,09,150 रुपये हुआ। इनके अलावा अफसरों के 22 चालकों पर 12,870 रुपये व्यय किए गए। यानी एक चालक को 585 रुपये का लंच करवाया गया। इस तरह से 75 अधिकारियों और उनके 22 चालकों के लंच पर कुल 1,22,020 रुपये खर्च किए गए।

सीएस बोले-ऐसा करना नियम विरुद्ध नहीं
इस बारे में मुख्य सचिव प्रबोध सक्सेना ने कहा कि राज्यपाल और मुख्यमंत्री के अलावा मुख्य सचिव के स्तर पर ऐसे आयोजन कर सकते हैं। ऐसा करना नियम विरुद्ध नहीं है।

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पूरे मामले की निष्पक्ष जांच हो : बिक्रम
भाजपा विधायक बिक्रम ठाकुर ने अफसरों की होली पार्टी को लेकर सरकार पर सवाल उठाए हैं। उन्होंने कहा कि सरकारी खर्च पर हो रही इस पार्टी में वरिष्ठ अधिकारियों और उनके परिवारों की उपस्थिति व खर्च को देखते हुए साफ है कि यह नैतिक आचरण और प्रशासनिक मर्यादा का उल्लंघन है। जब प्रदेश एक लाख करोड़ रुपये के कर्ज में डूबा है, तब ऐसे आयोजन दर्शाते हैं कि सरकार व नौकरशाही को आम जनता की समस्याओं से सरोकार नहीं है। यह वित्तीय अनुशासन की उपेक्षा है, जो केंद्रीय सिविल सेवा आचरण नियम 1964 के तहत भी उल्लंघन की श्रेणी में आता है। सरकार इसकी निष्पक्ष जांच करवाए।
 
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