यह है मामला
हिमाचल प्रदेश में इस साल फरवरी में हुए राज्यसभा चुनाव के दौरान क्रॉस वोटिंग के बाद कांग्रेस के छह और तीन निर्दलीय विधायक चंडीगढ़ समेत उत्तराखंड के विभिन्न होटलों में रुके थे। इस दौरान उन्हें हवाई सेवाएं भी उपलब्ध करवाई गई थीं। तीन हवाई कंपनियों ने विधायकों को सेवाएं प्रदान की थीं, लेकिन यह कंपनियां इसका रिकाॅर्ड देने को तैयार नहीं थी। इस वजह से पुलिस के लिए मामले की जांच को आगे बढ़ाने में दिक्कतें आ रही थीं। रिकॉर्ड मिलने के बाद पुलिस पता लगा सकेगी कि हवाई सेवा पर आखिरकार कितना खर्च हुआ था और इसका भुगतान किस स्रोत से किया गया था।
गुरुग्राम गई पुलिस को हरियाणा पुलिस ने कर लिया था डिटेन
गौर हो कि शिमला पुलिस की टीम ने मामले की जांच के लिए 30 जुलाई को गुरुग्राम की हेलिकाप्टर कंपनी के कार्यालय दबिश दी थी, लेकिन यहां पहुंचने पर उसे हरियाणा पुलिस ने ही डिटेन कर लिया था। इससे पहले कि शिमला पुलिस वहां से रिकॉर्ड हासिल करती, वहां की स्थानीय पुलिस उन्हें थाने लेकर चली गई। 8 घंटे तक थाने में बैठाने के बाद किसी तरह से स्थानीय पुलिस ने शिमल पुलिस की टीम को छोड़ा। इसके बाद टीम बिना मामले की जांच किए ही लौट आई थी।