मुख्यमंत्री ने कहा कि आप सबके बीच आकर मुझे बेहद प्रसन्नता हो रही है। सरकार के गठन के बाद से प्रयास है कि मैं स्वयं दुर्गम क्षेत्रों में जाकर लोगों की समस्याओं को समझकर उन्हें हल करने का प्रयास करूं। शरची, बंजार क्षेत्र का अंतिम गांव है और चारों तरफ सुंदर पहाड़ और जंगल हैं। मुख्यमंत्री ने कहा कि मैं इस कार्यक्रम के तहत डोडरा क्वार, कुपवी और पांगी में जा चुका हूं और मुझे वहां लोगों के साथ समय बिताने का अवसर मिला है। मेरे मंत्रिमंडल के सहयोगी भी अलग-अलग क्षेत्रों में जाकर लोगों से मिलकर उनकी समस्याओं का समाधान करने का प्रयास कर रहे हैं।
सेवानिवृत्त सूबेदार अनूप राम ने कहा कि पहली बार कोई मुख्यमंत्री इस दुर्गम गांव में आए हैं और गांव के सभी लोग इससे बहुत खुश हैं। हमें उम्मीद है कि इससे हमारे गांव में विकास कार्यों को गति मिलेगी। मेरे लिए यह सौभाग्य की बात है कि उन्होंने मेरे घर को रुकने के लिए चुना। उनके पुत्र नरेश ने कहा कि शरची बंजार विधानसभा क्षेत्र में दूर-दराज का गांव है, जहां के लोगों में उनके इस दौरे को लेकर बहुत खुशी है। मुख्यमंत्री हमारे घर पर रुके हैं, यह हमारे परिवार ही नहीं बल्कि पूरे गांव के लिए गौरव का विषय है। ग्राम पंचायत बांदल की प्रधान ईश्वरी देवी ने कहा कि हम मुख्यमंत्री का उनके क्षेत्र में पहुंचने पर स्वागत करते हैं। ऐसा पहले कभी नहीं हुआ जब कोई मुख्यमंत्री इस गांव में आए हों।
ग्राम पंचायत शरची की प्रधान रामेश्वरी ठाकुर ने भी मुख्यमंत्री का स्वागत करते हुए कहा कि मुख्यमंत्री ने महिलाओं को सशक्त बनाने के लिए अनेक योजनाएं आरम्भ की हैं, जिसके लिए हम उनका आभार व्यक्त करते हैं। इससे पहले गांव के गाड़ा दुर्गा मंदिर में मुख्यमंत्री ने शीश नवाया और प्रदेश में सुख-समृद्धि के लिए प्रार्थना की। इस अवसर पर विधायक सुंदर सिंह ठाकुर व भुवनेश्वर गौड़, एपीएमसी अध्यक्ष राम सिंह, मिल्कफैड के अध्यक्ष बुद्धि सिंह ठाकुर, पूर्व मंत्री खिमी राम शर्मा, एचपीएसआईडीसी के उपाध्यक्ष विशाल चंबियाल, सचिव आशीष सिंघमार, निदेशक महिला एवं बाल विकास विभाग डॉ. पंकज ललित, उपायुक्त तोरुल एस रवीश, निदेशक सूचना एवं जन सम्पर्क विभाग राजीव कुमार, जिला परिषद कुल्लू के अध्यक्ष पंकज परमार, कांग्रेस नेता सेस राम आज़ाद और विद्या नेगी, कांग्रेस के अन्य वरिष्ठ नेता, पंचायती राज संस्थाओं के प्रतिनिधि व गणमान्य उपस्थित रहे।