जंजैहली के कुछ इलाकों का पूरा नक्शा ही बदल गया है। जंजैहली के बूंगरैल चौक निवासी पूर्ण चंद, सूरत राम, धर्मेंद्र, प्रकाश, दीप कुमार, कमला, यशपाल, चमन लाल, ओम चंद, तारा चंद, लछमन, राम लाल, नंद लाल और उत्तम सिंह के घर उनकी आंखों के सामने मलबे में तब्दील हो गए। ग्रामीणों ने बताया कि जलस्तर बढ़ने की आशंका से लोग किसी तरह घरों से निकल पाए, वरना अनहोनी तय थी। अब गांव मलबे के ढेर में तब्दील हो चुका है। लोग अपने घरों के निशान ढूंढ रहे हैं। सुरक्षित ठिकाने की तलाश में ग्रामीण इधर-उधर भटक रहे हैं। डर का आलम यह है कि हर पल मौत का साया मंडरा रहा है। मटर वैली चिऊणी पंचायत में भी हालात बदतर हैं। हरीराम का मकान बाढ़ में बह गया, जबकि छह अन्य घर क्षतिग्रस्त हुए।
मजडवार गांव में मोहर सिंह के मकान के सामने की जमीन पूरी तरह बह गई। पंचायत प्रधान इंद्र सिंह के अनुसार क्षेत्र की 80 फीसदी उपजाऊ जमीन भूस्खलन में नष्ट हो चुकी है। आठ-नौ परिवार अपने असुरक्षित घरों को छोड़कर रिश्तेदारों के पास शरण लेने को मजबूर हैं। उधर, डेजी गांव में भी यही हालात हैं। घरों के बहने के साथ करीब 11 लोग लापता भी हैं। यहां शुक्रवार मदद पहुंची तो ग्रामीण भावुक हो गए। वह अपनों की तलाश में खुद ही जुटे हुए हैं।