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Himachal CAG Report: एचपीयू में स्टाफ की भारी कमी, ढांचा और शैक्षणिक प्रणाली में गंभीर खामियां

Mon, 30 Mar 2026 07:02 PM IST
Krishan Singh अमर उजाला ब्यूरो, शिमला।

सार

 नियंत्रक एवं महालेखा परीक्षक (कैग) की रिपोर्ट में हिमाचल प्रदेश विश्वविद्यालय शिमला की कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल उठाए गए हैं।
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कैग रिपोर्ट। - फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
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हिमाचल प्रदेश विधानसभा में प्रस्तुत नियंत्रक एवं महालेखा परीक्षक (कैग) की रिपोर्ट में हिमाचल प्रदेश विश्वविद्यालय शिमला की कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल उठाए गए हैं। रिपोर्ट के अनुसार मानव संसाधन, बुनियादी ढांचे, शैक्षणिक प्रशासन और रणनीतिक पहलों के क्रियान्वयन में व्यापक कमियां सामने आई हैं, जिससे शिक्षण और अनुसंधान की गुणवत्ता प्रभावित हो रही है। सोमवार को विधानसभा में पेश 2020-21 से 2022-23 की अनुपालन लेखा परीक्षा रिपोर्ट में विश्वविद्यालय में संस्थागत ढांचे, शैक्षणिक गुणवत्ता और शोध गतिविधियों में बड़ी खामियां उजागर हुई हैं। रिपोर्ट के मुताबिक विश्वविद्यालय में 27 से 37 फीसदी तक संकाय पद खाली रहे।

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इससे न केवल शिक्षकों पर अतिरिक्त बोझ बढ़ा, बल्कि छात्रों को गुणवत्तापूर्ण मार्गदर्शन भी नहीं मिल पाया। नियमों की अनदेखी करते हुए एक अयोग्य सहायक प्राध्यापक और एक अतिथि संकाय की नियुक्ति कर यूजीसी के विनियमों का उल्लंघन किया जाएगा। वहीं 186 नियुक्तियों में प्रमाणपत्रों का सत्यापन तक नहीं कराया गया। कैग रिपेार्ट में शोध के मोर्चे पर भी निराशाजनक स्थिति बताई गई है। 214 शिक्षकों के मुकाबले महज 21 शोध परियोजनाएं शुरू हुईं, जो प्रति शिक्षक औसतन 0.1 प्रोजेक्ट के बराबर है। यह आंकड़ा के मानकों से काफी कम बताया गया। रिपोर्ट में सामने आया कि विश्वविद्यालय का बुनियादी ढांचा भी कमजोर है। 

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