बजट सत्र को लेकर सुरक्षा के मद्देनजर हिमाचल प्रदेश विधानसभा को छावनी में तबदील कर दिया गया है। विस परिसर और बाहर पुलिस व खुफिया एजेंसियों की पैनी नजर है। पुलिस मुख्यालय ने इस बार विधानसभा की सुरक्षा के लिए अतिरिक्त बल तैनात किया है। शिमला पुलिस के अलावा अन्य जिलों से 490 जवानों की ड्यूटियां लगाई गई हैं। कुल एक हजार जवान तैनात किए गए है।
इसके साथ ही क्यूआरटी के जवानों को भी तैनात किया गया है। प्रदर्शनकारियों पर विशेष नजर लगेगी। विधानसभा के गेट नंबर एक में बटालियन और क्यूआरटी के जवान तैनात हैं। वहीं मुख्यमंत्री के विधानसभा में जाने वाले प्रवेश द्वार पर पुलिस बल के अलावा बंकर बनाए गए हैं। शिफ्टों में पुलिस जवानों की ड्यूटियां लगाई गई हैं। शिमला शहर के चप्पे-चप्पे पर पुलिस की नजर है। आने जाने वालों पर सीसीटीवी कैमरे से नजर रखी जा रही है। इसके साथ ही ड्रोन की भी मदद ली जा रही है।
विधानसभा में एंट्री पास के बाद ही प्रवेश की अनुमति दी जा रही है। अगर लोगों को विधानसभा में किसी मंत्री से मिलना है तो उसके लिए भी अनुमति जरूरी है। मंत्री के हस्ताक्षर के बाद ही गेट पर पास बनाने को कहा गया है। विधानसभा के भीतर एक साथ कई लोगों के जमा होने की अनुमति नहीं है। मंत्री और अधिकारियों के विधानसभा परिसर में आने पर तुरंत गाड़ी वापस पार्किंग में खड़ी करने को कहा गया है।