अदालत ने यह आदेश याचिकाकर्ता तोविंदर की ओर से दायर मामले में सुनवाई के दौरान पारित किए हैं। याचिकाकर्ता की ओर से अदालत में दलील दी गई कि विभाग ने 29 जनवरी 2026 को जारी विज्ञापन के क्लॉज-5 के तहत सीबीएसई स्कूलों के लिए अंग्रेजी शिक्षकों की भर्ती के लिए पात्रता मानदंड तय किए थे।
नियमों के मुताबिक पूरी भर्ती इसी क्लॉज के आधार पर होनी चाहिए थी, लेकिन विभाग ने हाल ही में जो मैरिट लिस्ट तैयार की है, वह मूल नियमों (क्लॉज-5) के आधार पर नहीं बनाई गई है। मैरिट लिस्ट में बदलाव कर दिया गया, जो पूरी तरह गैर-कानूनी है। कोर्ट को सूचित किया गया कि चुने गए उम्मीदवारों का अंतिम परिणाम घोषित हो चुका है। अदालत ने कहा की कोर्ट की अनुमति के बिना कोई भी नियुक्ति नहीं की जाएगी।