मुख्यमंत्री ने कहा कि पूर्व भाजपा सरकार ने अपने शासनकाल में शिमला नगर निगम के चुनाव नौ माह की देरी से करवाए। जून 2022 में चुनाव प्रस्तावित था। तत्कालीन जयराम सरकार ने हार के डर से चुनाव नहीं करवाए। कांग्रेस सरकार बनने के बाद हमने मई 2023 में चुनाव करवाए। यह चुनाव भी छह माह के भीतर करवाना आवश्यक थे। सीएम ने कहा कि हिमाचल भाजपा पांच गुटों में बंटी है। इसी कारण नेता विपक्ष जयराम ठाकुर तनाव में रहते हैं। हम मंत्रियों की सलाह से ही कैबिनेट में फैसले लेते हैं। मुख्यमंत्री ने कहा कि फरवरी 2024 बजट सत्र के दौरान भाजपा ने संविधान की धज्जियां उड़ाईं। सरकार गिराने का प्रयास किया। इसके बावजूद कांग्रेस के विधायकों की संख्या दोबारा 40 हो गई।
सुक्खू ने कहा कि 11 दिसंबर को प्रदेश सरकार के तीन साल का कार्यकाल पूरे होने पर कोई जश्न नहीं मनाया जा रहा है। हम नैतिकता और ईमानदारी में विश्वास रखते हैं। तीन साल पूरे होने पर सरकार के विजन से अवगत कराया जाएगा। भाजपा के सदस्य भी इस कार्यक्रम के लिए आमंत्रित हैैं। मुख्यमंत्री ने कहा कि भाजपा हर बार विधानसभा सदन में नियम 67 के तहत काम रोको प्रस्ताव लेकर आती है। आपात स्थिति में ही ऐसे प्रस्ताव लाए जाते हैं। हम फिर भी विपक्ष की भावनाओं का सम्मान करते हैं। उन्होंने कहा कि तथ्यों पर आधारित बात ही भाजपा सदस्यों को करनी चाहिए।