हिमाचल प्रदेश हाईकोर्ट ने पंचायतीराज चुनाव और आशा वर्करों की योग्यता से जुड़ी याचिका पर महत्वपूर्ण फैसला सुनाया है। कोर्ट ने स्पष्ट किया है कि हाईकोर्ट के अंतरिम आदेश के बल पर चुनाव लड़कर जीत दर्ज करने वाली आशा वर्कर अपना पांच साल का निर्धारित कार्यकाल पूरा कर सकती है। न्यायाधीश अजय मोहन गोयल और न्यायाधीश योगेश जसवाल की खंडपीठ ने कहा कि चूंकि याचिकाकर्ता चुनाव लड़कर जीत चुकी हैं, इसलिए अब इस याचिका के गुण-दोष पर विचार करना उचित नहीं होगा। कोर्ट ने 2 मई 2026 के विवादित आदेश की वैधता पर कोई अंतिम निर्णय नहीं दिया है और इस कानूनी बिंदु को भविष्य के लिए खुला रखा है। अदालत ने यह भी स्पष्ट किया कि आशा वर्कर चुनाव लड़ने के योग्य हैं या नहीं, इस कानूनी पहलू पर कोर्ट ने अभी कोई पक्का फैसला नहीं दिया है और इसे भविष्य के लिए खुला रखा है। अदालत ने स्पष्ट किया कि इस फैसले को भविष्य के लिए अन्य मामले में नजीर न माना जाए। यह आदेश इस मामले की विशेष परिस्थितियों (विशेष रूप से 3 उम्मीदवारों के चुनाव जीतने) को ध्यान में रखकर दिया गया है, इसलिए इसे भविष्य के मामलों के लिए कोई पूर्व उदाहरण न माना जाए।