भले ही इस साल सेब की पैदावार में 30 से 40 प्रतिशत तक की कमी रही लेकिन, दाम उम्दा मिलने से बागवानों की बांछें खिल गई हैं। इस साल सेब की कीमतों ने पिछले तमाम रिकॉर्ड तोड़ दिए हैं। पहली बार सेब की एक क्रेट (18 से 22 किलोग्राम) की कीमत औसतन 800 से 1000 रुपये तक पहुंची। जबकि हर साल यह कीमत 600 से 700 रुपये तक रहती है।
कुल्लू में 27,000 हेक्टेयर भूमि पर सेब की बागवानी की जाती है। कुल्लू के 75 हजार परिवार सेब की बागवानी से जुड़े हैं। इस साल फ्लावरिंग के दौरान मौसम अनुकूल नहीं रहने के कारण फसल को नुकसान हुआ। सेब की कम पैदावार होने के बावजूद बागवानों को अधिक आर्थिक नुकसान नहीं हुआ है। इसका मुख्य कारण मंडियों में बंपर दाम मिलना है। इस साल अच्छी गुणवत्ता का सेब 130 से 140 रुपये प्रति किलो तक बिका। अब सीजन के अंतिम दौर में दाम 40 से 50 रुपये किलो तक गिर गए हैं। आढ़तियों का कहना है कि इस साल दाम ने पिछले सारे रिकॉर्ड तोड़ दिए हैं।
पतलीकूहल सब्जी मंडी आढ़ती एसोसिएशन के प्रधान कुंज लाल ने बताया कि अमूमन सेब की औसतन कीमत 600 से 700 रुपये प्रीति क्रेट रही है। कई सालों से यही औसत रहा है। इस साल सेब की गुणवत्ता बेहतर रही। सेब का आकर अच्छा था और रंग भी। इसके चलते दाम मे काफी उछाल रहा। सीजन के शुरुआती दौर में तो सेब 140 रुपये किलो तक बिका। बागवान कमलेश, अजय और आकाश ने बताया कि इस साल सेब की अच्छी कीमत मिली है।