पुलिस थाना सदर हमीरपुर में आयोग के सचिव डॉ. विक्रम महाजन की शिकायत पर भारतीय न्याय संहिता की धारा 318(4), 336(2) और 3(5) के तहत मामला दर्ज किया गया है। एसपी हमीरपुर ने एफआईआर दर्ज होने की पुष्टि की है। आयोग की शिकायत के अनुसार पोस्ट कोड 26015 के तहत जेबीटी (जॉब ट्रेनी) पदों के लिए भर्ती निकाली गई थी। शिमला निवासी अभ्यर्थी ने एक अप्रैल को ऑनलाइन आवेदन किया था। 14 जून को होने वाली कंप्यूटर आधारित परीक्षा के लिए उसके मूल आवेदन में लाहौल-स्पीति, सिरमौर और किन्नौर को परीक्षा केंद्र की प्राथमिकता दी गई थी। इसके आधार पर उदयपुर स्थित राजकीय औद्योगिक प्रशिक्षण संस्थान परीक्षा केंद्र आवंटित हुआ। 11 जून को अभ्यर्थी के रिश्तेदार की ओर से आयोग को ई-मेल भेजकर दावा किया गया कि अभ्यर्थी ने शिमला, सोलन और सिरमौर को प्राथमिकता दी थी, लेकिन उसे करीब 500 किलोमीटर दूर उदयपुर केंद्र दे दिया गया।
मुख्यमंत्री कार्यालय को भी ई-मेल की प्रति भेजी गई
ई-मेल के साथ भेजे गए आवेदन में यही प्राथमिकताएं दिखाई गई थीं। मुख्यमंत्री कार्यालय को भी ई-मेल की प्रति भेजी गई थी। केंद्र बदलने के बाद आयोग ने अपने रिकॉर्ड में मौजूद मूल ऑनलाइन आवेदन की जांच की तो उसमें दर्ज प्राथमिकताएं ई-मेल के साथ भेजे गए आवेदन से अलग मिलीं। आयोग की शिकायत के अनुसार ई-मेल के साथ भेजे गए आवेदन में एआई का इस्तेमाल कर मूल आवेदन की जानकारी में बदलाव किया गया था। आयोग ने इसे अपने आधिकारिक रिकॉर्ड से छेड़छाड़ कर तैयार किया गया कथित फर्जी दस्तावेज बताया। आयोग का आरोप है कि अभ्यर्थी के रिश्तेदार ने कथित रूप से बदला हुआ आवेदन सोशल मीडिया पर प्रसारित किया और आयोग पर परीक्षा केंद्र आवंटन में जानबूझकर हेरफेर करने के आरोप लगाए। आयोग ने शिकायत में कहा कि इससे भर्ती एजेंसी की प्रतिष्ठा प्रभावित हुई और भर्ती प्रक्रिया की निष्पक्षता पर सवाल खड़े करने का प्रयास किया गया है।
आयोग की ओर से शिकायत मिली है। मामले में डिजिटल रिकॉर्ड को जांचा जा रहा है। -बलवीर ठाकुर, एसपी हमीरपुर