लाहौल के ग्रांफू-काजा मार्ग पर गुजरते वाहन।
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ग्रांफू-काजा-समदो सड़क करीब सात महीने बाद फोर बाई फोर वाहनों के लिए आधिकारिक तौर पर खुल गया है। इससे पहले इस रूट पर सफर करने से पहले कोकसर चेकपोस्ट में फोर बाई फोर वाहनों को आपदा प्रबंधन से अनुमति लेनी पड़ रही थी। अब फोर बाई फोर वाहन बिना अनुमति लिए ही इस मार्ग पर दौड़ सकेंगे। इस संदर्भ में लाहौल-स्पीति प्रशासन ने अधिसूचना भी जारी कर दी है। पर्यटक अब स्पीति के साथ चंद्रताल झील का दीदार कर सकेंगे। इससे स्पीति घाटी में पर्यटन कारोबार को गति मिलेगी।
सोमवार को तहसीलदार केलांग रमेश राणा की अगुआई ने बीआरओ की टीम ने सड़क का निरीक्षण किया था। इस दौरान पाया कि ग्रांफू से बातल के बीच दो-तीन स्थानों में हिमखंड गिरने से बर्फ सड़क पर जमी है। ऐसे में छोटे वाहनों की आवाजाही संभव नहीं है। निरीक्षण टीम ने अपनी रिपोर्ट में फिलहाल सिर्फ फोर बाई फोर वाहनों की आवाजाही की सिफारिश की है। राणा ने बताया कि कुछ जगह हिमखंड गिरे हैं, जहां से छोटे वाहनों की आवाजाही संभव नहीं है।
बसों के लिए करना होगा कुछ दिन और इंतजार
बसों और छोटे वाहनों से सफर के लिए यात्रियों को कुछ दिन और इंतजार करना होगा। सड़क की मौजूदा हालत को देखते हुए फिलहाल बस और छोटे वाहनों की आवाजाही को प्रशासन से मंजूरी नहीं मिली है। निगम प्रबंधन के मुताबिक सड़क के निरीक्षण और बीआरओ से एनओसी मिलने के बाद ही ग्रांफू से काजा की तरफ बसों की आवाजाही शुरू की जाएगी।