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हिमाचल: हादसों पर लगेगी लगाम, नए सिरे से चिन्हित किए जाएंगे ब्लैक स्पॉट, सड़क पांच मीटर चाैड़ी होगी

Sat, 29 Aug 2026 05:00 AM IST
Krishan Singh अमर उजाला ब्यूरो, शिमला।

सार

सड़क हादसों को रोकने के लिए ब्लैक स्पॉट को नए सिरे से चिन्हित करने और मौजूदा ब्लैक स्पॉट को सुरक्षित बनाने की कवायद शुरू हो गई है।
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चिह्नित होंगे सड़कों के ब्लैक स्पॉट। - फोटो : संवाद
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विस्तार
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 हिमाचल प्रदेश में सड़क हादसों को रोकने के लिए ब्लैक स्पॉट को नए सिरे से चिन्हित करने और मौजूदा ब्लैक स्पॉट को सुरक्षित बनाने की कवायद शुरू हो गई है। प्रदेश में पहले के चिन्हित 239 ब्लैक स्पॉट को दुरुस्त किया जाएगा। इन स्थानों पर रोड सेफ्टी के लिए उपलब्ध बजट से जरूरी सुधार कार्य किए जाएंगे। दुर्घटना संभावित स्थानों पर सड़क की चौड़ाई बढ़ाने के साथ-साथ क्रैश बैरियर समेत अन्य सुरक्षा इंतजाम किए जाएंगे। सड़क सुरक्षा को लेकर लोक निर्माण विभाग, पुलिस और परिवहन विभाग मिलकर काम कर रहे हैं। विभागों की ओर से ऐसे स्थानों की पहचान की जा रही है, जहां लगातार सड़क हादसे हो रहे हैं या सड़क की बनावट, तीखे मोड़, कम चौड़ाई और सुरक्षा इंतजामों की कमी के कारण दुर्घटना का खतरा अधिक है। इन स्थानों का नए सिरे से चयन भी किया जाएगा, ताकि हादसों की वास्तविक स्थिति के आधार पर ब्लैक स्पॉट की सूची को अपडेट किया जा सके।

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सड़क संकेतक, रिफ्लेक्टर, रोड मार्किंग और चेतावनी बोर्ड लेगेंगे
ब्लैक स्पॉट को सुरक्षित बनाने के लिए जरूरत के अनुसार सड़क के हिस्से को करीब पांच मीटर तक चौड़ा किया जाएगा। इससे वाहनों को मोड़ काटने और आमने-सामने से आने वाले वाहनों को सुरक्षित तरीके से गुजरने में मदद मिलेगी। जहां सड़क चौड़ी करना संभव नहीं होगा, वहां अन्य इंजीनियरिंग उपायों के माध्यम से दुर्घटना की आशंका कम करने पर जोर रहेगा। इसके अलावा सड़क संकेतक, रिफ्लेक्टर, रोड मार्किंग और चेतावनी बोर्ड लगाने जैसे उपाय भी किए जाएंगे।
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हादसों के आंकड़ों के आधार पर होगा चयन
लोक निर्माण मंत्री विक्रमादित्य सिंह ने कहा कि पहले के चिन्हित और नए ब्लैक स्टाफ चिन्हित कर उन्हें दुरुस्त किया जाना है। जहां सड़क तंग है, उसे भी विभाग को खोलने के निर्देश दिए गए हैं। नए ब्लैक स्पॉट के चयन में पुलिस और परिवहन विभाग से मिलने वाले हादसों के आंकड़ों को भी आधार बनाया जाएगा। दुर्घटनाओं की संख्या, उनकी गंभीरता और सड़क की स्थिति का अध्ययन कर प्राथमिकता तय होगी। इसके बाद लोक निर्माण विभाग इन स्थानों पर जरूरी इंजीनियरिंग सुधार करवाएगा। रोड सेफ्टी फंड का इस्तेमाल मुख्य रूप से इन कार्यों के लिए किया जाएगा।
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