घटना के वक्त मकान के निचले कमरे में बुधराम का बेटा सुभाष सो रहा था। सुबह गांव के कुछ लोगों ने मकान से धुआं उठता देखा और वे तुरंत मौके पर पहुंचे। ग्रामीणों ने कमरे का दरवाजा तोड़कर सुभाष को सुरक्षित बाहर निकाला। इसके बाद ग्रामीणों ने आग बुझाने का प्रयास किए, लेकिन तब तक आग इतनी फैल चुकी थी कि उसपर काबू पाना मुश्किल हो गया।
मकान मालिक बुधराम बीमारी के कारण ज्यूरी में थे, जबकि उनकी पत्नी राम कली गांव में किसी के पास गई थी। आग लगने के कारणों का अभी तक पता नहीं चल पाया है। इस घटना में लाखों के नुकसान का अनुमान लगाया जा रहा है।
घटना की सूचना मिलते ही ग्राम पंचायत रूपी के प्रधान रामेश्वर नेगी मौके पर पहुंचे और उन्होंने स्थानीय प्रशासन को घटना की सूचना दी। प्रशासन की ओर से राजस्व विभाग की टीम को मौके पर भेजा गया है, जो नुकसान का आकलन करने में जुटी हुई है। ग्रामीणों ने प्रशासन से पीड़ित परिवार को राहत और अन्य सहायता देने की मांग उठाई है।