एचपीटीडीसी के आठ होटल पीपीपी मोड पर देगी सरकार
एचपीटीडीसी की लाभकारी इकाइयों को आउटसोर्स करने या निजी कंपनियों को देने का कोई अन्य प्रस्ताव या प्रक्रिया फिलहाल विचाराधीन नहीं है। विधायक राकेश जम्वाल की ओर से प्रश्न के लिखित जवाब में यह जानकारी मुख्यमंत्री ने सदन के पटल पर रखी। उन्होंने स्पष्ट किया कि हालांकि हिमाचल प्रदेश पर्यटन विकास निगम (एचपीटीडीसी) के आठ होटल सार्वजनिक निजी सहभागिता (पीपीपी) मोड पर देने को अनुमोदन किया गया है। ये होटल लेक व्यू बिलासपुर, होटल ममलेश्वर चिंडी, होटल एप्पल ब्लॉसम फागू, होटल चांशल रोहड़ू, होटल सरवरी कुल्लू, होटल ओल्ड रॉज कॉमन कसौली, होटल शिवालिक परवाणू और होटल गिरिगंगा खड़ापत्थर हैं। सरकार ने इन आठ होटल इकाइयों को पीपीपी मोड के तहत ओएंडएम आधार पर देने का कार्य हिमाचल प्रदेश अवसंरचना विकास बोर्ड को सौंपा है। एचपीआईडीबी से समन्वय के लिए एचपीटीडीसी मुख्यालय के उप महाप्रबंधक नीरज बाली को नोडल अधिकारी नामित किया गया है। इन आठ होटल इकाइयों ने 1 अप्रैल 2025 से 31 मार्च 2026 तक करीब 6.76 करोड़ रुपये का राजस्व अर्जित किया। वहीं 1 अप्रैल 2026 से 30 जून 2026 तक करीब 2.21 करोड़ रुपये का राजस्व कमाया। सरकार को उम्मीद है कि इन इकाइयों को ओएंडएम आधार पर देने से भविष्य में अच्छा राजस्व प्राप्त होगा। एडीबी परियोजना के प्रथम चरण में हिमाचल प्रदेश पर्यटन विकास बोर्ड के माध्यम से नग्गर कैसल, होटल सिल्वर मून, होटल रोहतांग मनालसू और हिडिंबा कॉटेज शामिल का जीर्णोद्धार किया जा रहा है।