खास यह है कि सुरक्षा दीवार को ब्यास नदी के स्तर से तीन मीटर नीचे खोदाई कर लगाया जाएगा। दीवार नदी से तीन मीटर नीचे होगी और सड़क का स्तर पांच से सात मीटर तक ऊंचा किया जाएगा। जल्द इसके टेंडर खुलने वाले हैं। कुल्लू से मनाली तक नेशनल हाईवे बरसात में बुरी तरह तहस-नहस हो गया है। पहले 2023 और अब 2025 में कई जगह सड़क का नामोनिशान मिट गया है। अभी अस्थायी तौर पर बनाई सड़क पर यातायात तो शुरू कर दिया गया है, लेकिन बाढ़ के लिहाज से सड़क सुरक्षित नहीं है।
सड़क के साथ ही रिहायशी इलाकों की सुरक्षा का भी विशेष तौर पर प्रोजेक्ट में ध्यान रखा गया है। ब्यास के वेग की क्षमता और पिछले 100 साल के इतिहास को आधार बनाकर इस प्रोजेक्ट की डीपीआर तैयार की गई है। एनएचएआई की मानें तो जल्द इस प्रोजेक्ट के तहत कार्य शुरू किया जाएगा। एनएचएआई के परियोजना अधिकारी वरुण चारी ने बताया कि प्रोजेक्ट मंजूर हो गया है। इस महीने तक इसके टेंडर खुल जाएंगे। इसके बाद सड़क का कार्य शुरू कर दिया जाएगा। कुल्लू से मनाली तक कहीं आरसीसी तो कहीं काउंटरफोर्ट आरसीसी दीवार लगेगी।