विभाग ने भर्ती प्रक्रिया को आगे बढ़ाने के लिए तैयारियां शुरू कर दी हैं। विधानसभा का मानसून सत्र समाप्त होने के बाद डॉक्टरों और नर्सों की भर्ती का प्रस्ताव कमीशन को भेजा जाएगा। इसके बाद भर्ती प्रक्रिया शुरू होगी। आदर्श अस्पतालों और सामुदायिक अस्पतालों में डॉक्टरों की कमी को दूर करने के लिए भी विशेष व्यवस्था की जा रही है। जहां छह डाक्टर नहीं है वहां छह स्पेशलिस्ट की तैनाती होगी। विभाग का मानना है कि पर्याप्त डॉक्टर उपलब्ध होने से मरीजों को प्राथमिक स्तर पर ही बेहतर उपचार मिल सकेगा और उन्हें छोटी-छोटी स्वास्थ्य सुविधाओं के लिए जिला अस्पतालों या मेडिकल कॉलेजों का रुख नहीं करना पड़ेगा।
स्वास्थ्य विभाग में लंबे समय से डॉक्टरों को एक स्थान से दूसरे स्थान पर डेपुटेशन पर भेजने की व्यवस्था को लेकर सवाल उठते रहे हैं। कई बार ग्रामीण अस्पतालों से डॉक्टरों को डेपुटेशन पर भेजे जाने के बाद वहां मरीजों को परेशानी का सामना करना पड़ता है। अब नए डॉक्टरों की तैनाती सीधे जरूरत वाले स्वास्थ्य संस्थानों में करने पर जोर है। इससे पीएचसी और सीएचसी में डॉक्टरों की उपलब्धता बनी रहने की उम्मीद है। स्वास्थ्य सचिव आशीष सिंह मार ने कहा कि स्वास्थ्य विभाग में कमीशन के माध्यम से 300 डाक्टरों की भर्ती की जा रही है। इसके अलावा नर्सों की भी भर्ती होनी है। ग्रामीण क्षेत्रों के बेहतर स्वास्थ्य सेवाएं देने के लिए सरकार प्रयासरत है।