हाईकोर्ट में हिमाचल सरकार को झटका लगा है। धर्मपुर के कांग्रेस नेता चंद्रशेखर की सिफारिश पर मुख्यमंत्री कार्यालय से जारी तबादला आदेश उच्च न्यायालय ने रद्द कर दिए हैं।
मुख्य न्यायाधीश एएम खानविलकर और न्यायाधीश कुलदीप सिंह की खंडपीठ ने चार याचिकाओं की सुनवाई पर यह फैसला सुनाया।
हाईकोर्ट ने तीखी टिप्पणी करते हुए कहा कि तबादलों में राजनीतिक हस्तक्षेप के नाम पर सत्ता का दुरुपयोग हो रहा है।
कोर्ट ने कहा ऐसे लोग जो न सरकार में हैं और न ही जनप्रतिनिधि हैं, उनके कहने पर सैकड़ों कर्मचारियों को महज राजनीतिक आधार पर बदला जा रहा है, जबकि यह काम प्रशासनिक आधार पर विभागाध्यक्ष का है।
संजय कुमार, रामलाल, जसवंत सिंह और राजेंद्र कुमार की तरफ से दायर याचिकाओं को स्वीकारते हुए खंडपीठ ने व्यवस्था दी कि जनहित या प्रशासनिक जरूरत के बजाय राजनीति से प्रेरित होकर किए गए तबादले किसी भी तरह से न्यायसंगत नहीं हैं। ये नियमों के खिलाफ हैं।
मंत्री की सिफारिश पर 400 तबादले
अदालत ने रिकॉर्ड देखने के बाद पाया कि उक्त तबादला आदेश विधानसभा चुनावों में हारने वाले नेता चंद्रशेखर के कहने पर किए गए हैं।
प्रार्थियों ने अदालत को बताया कि सरकार ने 400 से अधिक तबादलों के आदेश केवल इसी नेता की सिफारिशों पर किए हैं।
याचिकाकर्ताओं को स्थानांतरित करने के लिए 4 फरवरी 2013 को सिफारिशी पत्र मुख्यमंत्री कार्यालय को भेजा गया। सीएम ऑफिस ने आगे सभी संबंधित महकमों को आदेश दिए। गौरतलब है कि ऐसे ही मामलों में हाईकोर्ट इससे पहले कई मंत्रियों से जवाब तलबी भी कर चुका है।