हिमाचल प्रदेश में मौसम विभाग ने अगले 48 घंटे राज्य में भारी बारिश की चेतावनी दी है। राज्य में 60 से ज्यादा सड़कें बंद हो गई हैं।
दर्जनों संपर्क मार्ग भूस्खलन के चलते बंद पड़े हैं। परिवहन निगम की कई बसें भी फंस गई है। किन्नौर जिले में अगले तीन दिन के लिए हाई अलर्ट जारी कर दिया गया है।
बीते दिन कांगड़ा, सिरमौर और मंडी जिले में भारी बारिश के चलते जनजीवन अस्तव्यस्त हो गया। पौंग का जलस्तर बढ़ने से आसपास के क्षेत्रों में पानी पहुंचने की आशंका बन गई है।
सिल्ट बढ़ने से सतलुज जल विद्युत निगम के 1500 मेगावाट क्षमता के नाथपा झाकड़ी बिजली प्रोजेक्ट में उत्पादन ठप हो गया है। इससे हिमाचल ही नहीं बल्कि देश के अन्य राज्यों में भी बिजली संकट गहराने की आशंका है।
कुल्लू जिला प्रशासन ने एहतियाती कदम उठाते हुए लोगों को हरदम चौकस रहने के लिए कहा है। उपायुक्त कैप्टन जेएम पठानिया ने कहा है कि खराब मौसम में सोच समझ कर ही घर से बाहर निकलें।
पार्वती जल विद्युत परियोजना चरण तीन के सियूंड में बन रहे डैम की डायवर्शन टनल का गेट टूट गया। ल्हासा गिरने से सैंज-औट मार्ग शनिवार को सुबह पांच से शाम पांच बजे बंद रहा।
दिनभर होती रही बारिश कुल्लू जिले में ब्यास समेत अन्य नदी नालों का जलस्तर काफी बढ़ गया है।
मंडी जिले में मूसलाधार बारिश से जिले के करीब 28 संपर्क मार्ग जगह-जगह ल्हासे गिरने से अवरुद्ध हो गए हैं। ब्यास नदी और सुकेती खड्ड का जलस्तर बढ़ गया है।
नाहन से महज 10 किलोमीटर दूर मारकंडा नदी स्थित ढिमकी मंदिर क्षेत्र में शनिवार तड़के मूसलाधार बारिश के बाद पानी में एक व्यक्ति बह गया।