ग्रामीण भड़के
ग्रामीणों के आक्रोश को शांत करने के लिए तहसीलदार भी मौके पर पहुंचे। लोगों के विरोध के बीच अतिक्रमण के दायरे में आए मंदिर को गिरा दिया गया। मिली जानकारी के अनुसार किसी एक व्यक्ति ने सुजानपुर से थुरल हाईवे पर अतिक्रमण के संदर्भ में शिकायत की थी। इसके बाद पाया गया कि कुठेड़ा के पास मंदिर और एक मकान का छज्जा अतिक्रमण के दायरे में आ रहा है। मामले की पूरी जांच करने के बाद शुक्रवार के दिन लोक निर्माण विभाग के अधिकारी तथा कर्मचारी अतिक्रमण को हटाने के लिए पहुंचे। यहां पर प्रशासनिक अधिकारियों को देखकर ग्रामीण भड़क गए और मंदिर को ना गिरने की बात कहने लगे।
ग्रामीण बोले- मंदिर को नहीं गिरना चाहिए था
ग्रामीणों का यह भी कहना था कि अतिक्रमण कई जगहों पर हुआ है वहां पर तो ऐसी कोई कार्रवाई नहीं की जा रही। क्षेत्र के लोगों के आस्था के प्रतीक इस मंदिर को क्यों गिराया जा रहा है। ग्रामीण लोगों का कहना है कि लगभग 60 साल पुराना यह मंदिर है। उन्होंने कहा कि पहले यहां पर सिर्फ मूर्तियां होती थी, लेकिन लोगों ने मिलकर यहां पर मंदिर का निर्माण किया। उनका कहना था कि मंदिर को नहीं गिरना चाहिए था। महिला दिन जब आरोप लगाया कि क्षेत्र में कई लोगों ने इस तरह के अतिक्रमण कर रखे हैं उनके ऊपर भी कार्रवाई होनी चाहिए।
हाईकोर्ट के आदेश पर कार्रवाई
लोक निर्माण विभाग के सहायक अभियंता अभिषेक शर्मा का कहना है कि माननीय उच्च न्यायालय के आदेश अनुसार अतिक्रमण हटाया जा रहा है। उन्होंने कहा कि एक व्यक्ति ने शिकायत की थी जिसके आधार पर यह कार्रवाई की जा रही है। उन्होंने कहा कि यदि कहीं अन्य जगहों पर भी अतिक्रमण किया गया है तो शिकायत के आधार पर वहां भी कार्रवाई की जाएगी।