हमीरपुर। सावन माह शुरू होते ही बाजारों में हरियाली छा गई है। सबसे अधिक भीड़ साज सज्जा की दुकानों पर है। महिलाएं हरी चूड़ियां, बिंदी, कंगन और सौंदर्य प्रसाधनों की जमकर खरीदारी कर रही हैं।
विवाहित हो या अविवाहित, सभी महिलाएं पारंपरिक शृंगार के इस प्रतीक को अपनाकर सावन की परंपरा को संजोए हुए हैं। धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, सावन में हरी चूड़ियां धारण करना सौभाग्य, समृद्धि और शिव-पार्वती के आशीर्वाद का प्रतीक माना जाता है। ऐसे में आम दिनों की तुलना में सावन में बाजारों में चूड़ियों की बिक्री में 70% तक वृद्धि हो जाती है।
बाजार में हरी चूड़ियां 50 से 200 रुपये प्रति दर्जन, बिंदी 5 से 50 रुपये, नेलपॉलिश 50 से 200 रुपये और हरे कंगन 50 से 300 रुपये तक की रेंज में उपलब्ध हैं। कुछेक दुकानदारों ने महिलाओं की पसंद को देखते हुए कांच और स्टोन की चूड़ियों के नए डिजाइन मंगवाए हैं, जो कि हाथों हाथ बिक रहे हैं। बाजार में सबसे अधिक गोल्डन डॉट्स की हरी चूड़ियां, पत्थर की हरी चूड़ियां, लाइट ग्रीन ग्लास चूड़ियां व कपड़े और कुंदन के साथ हाथ से सजाई गई हरे रंग की चूड़ियां, मोती से सजी ग्रीन चूड़ियां और सरल धातु की हरे रंग की चूड़ियों की मांग है।
पारंपरिक ब्राइडल ग्रीन चूड़ियां सेट और युवतियों में स्टाइलिश ग्रीन चूड़ियां भी खूब पसंद की जा रही हैं। चूड़ियों के साथ मेहंदी लगाने के लिए भी महिलाएं कतारों में लगकर अपनी बारी का इंतजार कर रही हैं। सावन में हरी चूड़ियों के साथ मेहंदी लगवाना भी शुभ माना जाता है।
महिलाओं में सुमन, डिंपल, बबली, पुष्पा, पूनमा, मीरा, रजनी आदि ने कहा कि सावन माह में शृंगार करने से भगवान शिव व माता पार्वती का आशीर्वाद प्राप्त होता है।
मुख्य बाजार हमीरपुर में दुकान के बाहर सजाई गई रंग बिरंगी स्टोन की चूड़ियां। संवाद
मुख्य बाजार हमीरपुर में दुकान के बाहर सजाई गई रंग बिरंगी स्टोन की चूड़ियां। संवाद