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Hamirpur (Himachal) News: प्रसव के बाद महिला हुई गंभीर बीमार, बीमा कंपनी को क्लेम चुकाने के आदेश

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सुनवाई में पाई गई अस्पताल प्रबंधन और डाक्टर की गलती, चार लाख मुआवजा देने के आदेश
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संवाद न्यूज एजेंसी

हमीरपुर। उपभोक्ता संरक्षण फोरम हमीरपुर ने निजी अस्पताल में प्रसव के दौरान इलाज में लापरवाही के चलते गंभीर रूप से बीमार हुई महिला को क्लेम देने के आदेश जारी किए हैं। सुनवाई में अस्पताल प्रबंधन और डाॅक्टर को उपचार में कोताही बरतने का आरोपी पाया गया है। मुआवजा चुकाने के आदेश अस्पताल की बीमा कंपनी को दिए हैं। महिला मरीज ने जिला मुख्यालय स्थित एक निजी अस्पताल पर उपचार में लापरवाही बरतने के आरोप लगाए थे। इस महिला ने निजी अस्पताल में वर्ष 2014 में एक बच्चे को जन्म दिया था।
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महिला ने अस्पताल प्रबंधन पर प्रसव के दौरान गलत उपचार करने के आरोप लगाए थे। सुनवाई में पीड़ित महिला कंचन निवासी सरली डाकघर चमनेड़ की शिकायत को जांच में सही पाए जाने पर अस्पताल में काम करने वाली कंपनी को पीड़ित महिला को 60 दिन के भीतर नौ फीसदी ब्याज सहित चार लाख मुआवजा और 20 हजार रुपये केस की फीस चुकाने का आदेश सुनाया है। इस केस की पैरवी अधिवक्ता सुनील कुमार चौहान की ओर से की गई है। पीड़िता महिला 17 अप्रैल 2014 को अस्पताल में भर्ती हुई थी। अगले ही दिन महिला ने एक बच्ची को जन्म दिया। महिला 19 अप्रैल 2014 को अस्पताल से डिस्चार्ज हो गई। इसके बाद से उसे गायनी से संबंधित परेशानी आने लगी। वह उपचार के लिए दो दिन बाद फिर अस्पताल में पहुंची। महिला को उपचार से राहत नहीं मिली तो वह चंडीगढ़ स्थित एक अस्पताल में उपचार लेने के लिए गई। यहां पर उपचार के दौरान उसे जानकारी मिली कि प्रसव के दौरान उपचार में कोताही बरती गई है। महिला ने चंडीगढ़ के इस निजी अस्पताल में दो लाख रुपये खर्च कर उपचार करवाया। इसके बाद उसने आठ दिसंबर 2016 उपभोक्ता संरक्षण फोरम हमीरपुर में केस दर्ज किया। मामले में कई सालों तक सुनवाई हुई। इस केस में अंतिम सुनवाई सात अगस्त 2024 को हुई। उपभोक्ता संरक्षण फोरम हमीरपुर के अध्यक्ष हिंमाशु मिश्रा ने इस केस में अस्पताल प्रबंधन, डाॅक्टर को उपचार में कोताही का दोषी पाया है। ऐसे में अस्पताल की बीमा कंपनी को पीड़ित महिला मरीज को मुआवजा देने के आदेश जारी किए गए हैं।
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