भोरंज (हमीरपुर)। जलशक्ति उपमंडल भोरंज की 2 पेयजल योजनाएं सूख गई हैं और अन्य में जलस्तर 60-70 फीसदी गिर गया है। समूचे क्षेत्र में जलसंकट के हालात पैदा हो रहे हैं। सैकड़ों परिवारों को पेयजल किल्लत से जूझना पड़ रहा है। क्षेत्र में कई जगह सप्ताह में एक बार पानी की आपूर्ति की जा रही है। जलशक्ति विभाग से कई बार इस समस्या से अवगत करवा चुके हैं। गर्मियों में भोरंज क्षेत्र का पेयजल मेवा लगवालती योजना पर निर्भर हो जाता है। ग्रामीणों का मानना है कि हर वर्ष इसी वजह से गर्मियों में पानी की किल्लत भी उठानी पड़ रही है।
इस वर्ष अधिक गर्मी है और लोगों को पानी के लिए दर-दर भटकना पड़ रहा है। ग्रामीणों का कहना है मेवा लगवालती टैंक से जोड़ा जाए ताकि लोगों को पानी मिल सके। लोगों ने हेमराज, धर्म सिंह, लेख राज शर्मा, धर्म चंद, प्यार चंद, सतीश, इंद्र राम, ज्ञान चंद, सुरेश कुमार, योग राज, ईश्वर दास शर्मा, मोहिंद्र सिंह, अबतार सिंह योग राज, पवन कुमार, देश राज, राम नाथ, प्रेम चंद, दीप चंद, संजय कुमार ने शीघ्र जल शक्ति विभाग से समस्या के समाधान की मांग की है। उधर, जलशक्ति विभाग के सहायक अभियंता भोरंज अनिल शर्मा ने कहा कि जलशक्ति विभाग उपमंडल के अधीन दो पेयजल योजनाएं जलाहु और उठाऊ पेयजल योजना लुदर महादेव सूख चुकी हैं और उठाऊ पेयजल योजना धिरड़ पपलाह द्वितीय चरण, उठाऊ पेयजल योजना बडैहर और पेयजल योजना धमरोल 60-70 फीसदी सूख गईं है। इस वजह से गांवों में पानी की आपूर्ति तीसरे दिन कर दी गई है। पानी का उपयोग सही ढंग से करें व पानी को किसी भी रूप में व्यर्थ न गवाएं।