हमीरपुर। मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू की घोषणा के छह दिन बाद भी टीजीटी भर्ती में अधिकतम आयु सीमा में दो साल की छूट पर आयोग को सरकार से कोई लिखित आदेश प्राप्त नहीं हुए हैं। अभ्यर्थी सीएम की घोषणा के बाद इंतजार कर रहे हैं कि भर्ती अधिसूचना में संशोधन होने पर वह आवेदन कर सकें, लेकिन अभी तक लिखित आदेश प्राप्त न होने के चलते 45 वर्ष की आयु सीमा पार कर चुके अभ्यर्थियों में आवेदन को लेकर संशय बना हुआ है।
सीएम की घोषणा से हजारों अभ्यर्थियों को राहत मिली है, जो कि भर्ती के इंतजार में ओवरएज हो गए थे। लगभग चार वर्ष पूर्व टीजीटी की कमीशन के माध्यम से भर्ती हुई थी। चार वर्ष पूर्व हुई भर्ती के बाद कर्मचारी चयन आयोग 2023 में भंग हो गया। इसके बाद प्रदेश सरकार की ओर से हिमाचल प्रदेश राज्य चयन आयोग को गठित किया गया है। पेपर लीक मामले के चलते बीते अढाई वर्षों में यह पहली नई भर्ती आयोग की ओर से आयोजित की जा रही है।
अब राज्य चयन आयोग ने टीजीटी आर्ट्स, मेडिकल और नॉन मेडिकल के 937 पदों को भरने के लिए भर्ती विज्ञापन जारी किया है। इस विज्ञापन में अधिकतम आयु सीमा 45 तय की गई है। ऐसे में ओवरएज हो चुके बेरोजगारों ने इस आयु सीमा को बढ़ान की मांग उठाई थी। सीएम सुक्खू ने कांगड़ा दौरे के दौरान बीते चार जून को इस आयु सीमा को दो वर्ष बढ़ाकर 47 वर्ष करने का ऐलान किया। उन्होंने कार्मिक विभाग को इस विषय पर जल्द आयोग को दिशानिर्देश जारी करने के लिए भी कहा है, लेकिन अभी तक आयोग चिट्ठी के इंतजार में है।
कोट
उम्मीद है कि एक-दो दिन के भीतर इस विषय पर आयोग को लिखित आदेश मिल जाएंगे। पात्र अभ्यर्थियों को जरूर मौका मिलेगा। अभी आवेदन के लिए काफी दिन बाकी है। सरकार से निर्देश मिलते ही आयोग सूचना को सार्वजनिक करेगा।
-विक्रम महाजन, सचिव, हिमाचल प्रदेश राज्य चयन आयोग