जाहू(हमीरपुर)। उपमंडल भोरंज के कड़ोहता गांव के वीरेंद्र डोगरा मशरूम उत्पादन कर बेरोजगार युवाओं के लिए प्रेरणा का स्रोत बने हुए हैं। इसी पहल के तहत 200 स्क्वायर फीट हॉल में प्रायोगिक तौर पर बटन मशरूम के 300 बैग से उत्पादन का कारोबार शुरू किया।
वीरवार को पहली बार उन्होंने 10 किलोग्राम बटन मशरूम निकाली और 160 रुपये प्रति किलोग्राम के हिसाब से बेची। अब उन्होंने मशरूम उत्पादन को बड़े स्तर पर करने का लक्ष्य रखा है। मशरूम के बैग और खाद स्थानीय स्तर पर खरीद ली है।
उन्होंने इस कार्य को शुरू करने से पहले हमीरपुर जिला के कृषि विज्ञान केंद्र बड़ा में पांच दिवसीय प्रशिक्षण लेकर मशरूम उत्पादन की विधियों का ज्ञान हासिल किया। पहली बार के उत्पादन में 35 से 40 दिन में ही बटन मशरूम का उत्पादन शुरू हो गया। इससे उत्साहित वीरेंद्र डोगरा के हौसले और बढ़ गए हैं।
उन्होंने कहा कि भविष्य में सात क्विंटल के उत्पादन से डेढ़ से दो लाख रुपये की आमदनी होने का अनुमान है। डोगरा ने कहा कि अच्छी पैदावार को देखते हुए 700 से 800 बैग बटन मशरूम का उत्पादन के लिए रखे जाएंगे, क्योंकि 200 स्क्वायर फीट हॉल में मशरूम का उत्पादन खुले तौर पर किया जा सकता है।
उन्होंने कहा कि अच्छी क्वालिटी का मशरूम होने के कारण उत्पादन भी अच्छा होने लगा है तथा इसकी स्थानीय स्तर पर भी मांग है। उन्होंने बेरोजगार युवाओं से आह्वान किया कि सरकारी नौकरी के पीछे भागने के बजाय स्वरोजगार को बढ़ावा देकर अपनी आर्थिक स्थिति को मजबूत करें। वह मशरूम उत्पादन से डेढ़ से दो लाख रुपये की आमदनी होने से इस कार्य को दोगुणा करने का लक्ष्य मन में संजोए हुए हैं।