हमीरपुर। बकरियों में जल्द ही कृत्रिम गर्भाधान करवाया जाएगा, जिसके लिए पशुपालन विभाग की ओर से वरिष्ठ पशु चिकित्सकों को प्रशिक्षण दिया गया है।
प्रशिक्षित वरिष्ठ पशु चिकित्सक अब अन्य पशु चिकित्सकों को प्रशिक्षण देंगे, ताकि बकरियों के कृत्रिम गर्भाधान की प्रक्रिया जल्द शुरू किया जा सके। बकरी प्रजजन केंद्र ताल में पांच वरिष्ठ पशु चिकित्सकों को बीते दिन कृत्रिम गर्भाधान का प्रशिक्षण दिया गया है। प्रशिक्षण के दौरान वरिष्ठ पशु चिकित्सकों को कृत्रिम गर्भाधान के दौरान बरते जाने वाली सावधानियों के साथ तमाम जानकारी साझा की हैं।
कृत्रिम गर्भाधान शुरू करने के लिए जिला के 16 पशु चिकित्सालयों में करीब 1100 टीके उपलब्ध करवाए गए हैं। इन टीकों के माध्यम से बीटल और जमुनापारी नस्ल की बकरियां की पैदावार होगी। एक बकरी के कृत्रिम गर्भाधान पर 25 रुपये का खर्च आएगा। बीटल और जमुनापारी नस्ल की बकरियां दूध और मांस उत्पादन के लिए उपयुक्त मानी जाती हैं। कृत्रिम गर्भाधान से अच्छी नस्ल के मेमने पैदा होंगे, जिससे पशुपालकों की आय में भी वृद्धि होगी।
कोट
पांच वरिष्ठ पशु चिकित्सकों को कृत्रिम गर्भाधान करवाने का प्रशिक्षण दिया गया है। यहां से प्रशिक्षण प्राप्त करने के बाद चिकित्सक अन्य पशु चिकित्सकों को प्रशिक्षित करेंगे। जल्द ही बकरियों में कृत्रिम गर्भाधान शुरू कर दिया जाएगा।
-संजीव कालिया, सहायक निदेशक, बकरी प्रजनन केंद्र, ताल