आरएलए ब्रांच भोरंज में पंजीकृत वाहन नंबर एचपी 28 बी 3335 के मालिक का ब्योरा।
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हमीरपुर। वाहन किसी और का और मोटर वाहन अधिनियम के तहत चालान किसी अन्य व्यक्ति के नाम और पते पर भेजा जा रहा है। बार-बार न्यायालय से भेजे जा रहे चालान वारंट से पीड़ित व्यक्ति परेशान हो चुका है और भारी तनाव में है।
दरअसल पुलिस मोटर वाहन अधिनियम के तहत इलेक्ट्रिॉनिक चालान काटती है। मोबाइल ऐप में नंबर दर्ज करने से ही वाहन मालिक के नाम और पते की जानकारी मिल जाती है। हमीरपुर जिले के बोहणी गांव निवासी सुभाष चंद ठाकुर ने कहा कि उन्हें करीब चार बार हमीरपुर न्यायालय से वारंट जारी हुए हैं। वारंट पर लिखा है कि वाहन नंबर एचपी 28बी 3335 का प्रयोग करते हुए मोटर वाहन अधिनियम के तहत पुलिस ने चालान किया है। सुभाष ठाकुर ने कहा कि यह वाहन उनका नहीं है।
करीब तीन बार न्यायालय से भेजे वारंट पर वह लिखित जवाब दे चुके हैं। इसके बावजूद अब उन्हें चौथी बार वारंट मिला है। बार-बार घर पर वारंट आने पास उनकी गांव और आसपड़ोस में बेइज्जती हो रही है। मोटर वाहन पंजीकरण कार्यालय में वाहन नंबर एचपी 28बी 3335 राम चंद पुत्र जंबा राम गांव बजडोह, डाकघर बधानी उपमंडल भोरंज जिला हमीरपुर का दर्ज है।
सुभाष ने कहा कि न तो वह इस वाहन मालिक को जानते हैं और न ही इनकी कार में सवारी की है। बार-बार वारंट जारी होना समझ से परे है। उन्होंने प्रदेश उच्च न्यायालय के मुख्य न्यायधीश से मांग की है कि इस संदर्भ में उचित कार्रवाई की जाए। बता दें कि हमीरपुर के वार्ड नंबर आठ के रहने वाले विजय कुमार ने कुछ दिन पहले आरोप लगाया था कि उन्होंने अपनी धर्मपत्नी रंजना देवी के नाम पर मोटरसाइकिल खरीदा हुआ है।
वह हमेशा यातायात नियमों का पालन करते हैं। लेकिन लॉकडाउन में जब पूरे देश में लोगों का सड़क पर पैदल चलने पर भी पाबंदी थी तो उस समय हमीरपुर पुलिस ने उनकी मोटरसाइकिल का चालान काटा। दो माह के भीतर ही उनके 14 चालान कट चुके हैं।
एसडीएम भोरंज राकेश शर्मा ने कहा कि वे अवकाश पर हैं। कार्यालय में आने के बाद ही इस मामले में कुछ कहा जा सकता है।