हमीरपुर। बीते माह आसमान छू रहे सब्जियों के दाम अब सामान्य हो रहे हैं। इससे गरीब और मध्य वर्गीय तपके को काफी राहत मिली है। बाहरी राज्यों से हरी सब्जियां आने से आम आदमी की पहुंच से बाहर हो थीं। इससे लोगों को काफी परेशानी का सामना करना पड़ रहा था। अब स्थानीय सब्जियां बाजार में आ गई हैं। इसके कारण दाम भी गिर गए हैं। ऐसे में गृहणियों ने राहत की सांस ली है।
इस सप्ताह सब्जियों के दामों में बीस से तीस रुपये प्रतिकिलो तक गिरावट आई है। इससे लोगों को काफी राहत मिली है। दो सप्ताह पहले घीया 60 प्रति रुपये किलो, प्याज 40 रुपये किलो, लौकी 40, शिमला मिर्च 80 रुपये, भिंडी 70 रुपये,खीरा 40 रुपये, टमाटर 50 रुपये, नींबू 300 रुपये प्रति किलो बिक रहे थे। घीया के दाम 30 रुपये प्रति किलो, प्याज 20 रुपये किलो, लौकी 20 रुपये किलो, शिमला मिर्च 30 रुपये किलो, भिंडी 30 रुपये, खीरा 20 रुपये, टमाटर 50 रुपये, नींबू 120 रुपये प्रति किलो बिक रहा है। जिससे लोगों को काफी राहत प्राप्त हुई है। हालांकि आलू, मटर के दामों में बदलाव नहीं हुआ है।
क्या कहते है दुकानदार:
पहले एक किलो ही खरीद रहे थे: हरि ओम
सब्जी विक्रेता हरिओम का कहना है कि पूर्व में सब्जियों के दाम अधिक होने से लोग दो से तीन किलो के स्थान पर महज एक किलो सब्जी ले रहे थे। जिससे उनकी सब्जियां बिक नहीं पा रही थी। दामों में गिरावट आने से बिक्री बढ़ी है।
स्थानीय सब्जिां आ रह बाजार सप्लाई: गोपाल
दुकानदार गोपाल का कहना है कि पूर्व में स्थानीय क्षेत्रों में सब्जियों की फसल की पैदावार नहीं हुई थी। जिसके चलते मंडी में बाहर के राज्यों से सप्लाई आ रही थी। जो महंगी थी, अब स्थानीय क्षेत्रों से सप्लाई पहुंच रही है। इससे दाम भी कम हुए हैं।
पहले सब्जी खरददीने में सोचना पड़ता था: रक्षा देवी
ग्राहक रक्षा देवी का कहना है कि सब्जियों के दाम देखकर खरीदने से पहले सोचना पड़ता था। हरी सब्जियों के साथ दालों के मूल्य भी अधिक थे। नीबू 300 रुपये प्रति किलो बिक रहा था। अब मूल्य सामान्य होने से काफी राहत मिली है।
खाना बनाने में आ रही थी परेशानी: माया देवी
गृहिणी माया देवी का कहना है कि प्रतिदिन खाना बनाने में परेशानी होती थी। दाम में गिरावट से सब्जियों का चुनाव करने में परेशानी नहीं होगी। अपनी इच्छानुसार किसी भी सब्जी का चयन कर सकते है।