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तकनीक को हथियार बना नशे पर करें चोट, पुलिस के मददगार बनें विद्यार्थी : तिवारी

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एनआईटी हमीरपुर में विद्यार्थियों से संवाद करते डीजीपी अशोक तिवारी। संस्थान।
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हमीरपुर। तकनीक की ताकत से नशे के कारोबार पर चोट की जा सकती है। एनआईटी के तकनीकी विद्यार्थी साइबर सुरक्षा, कृत्रिम बुद्धिमत्ता और आंकड़ा विश्लेषण जैसी तकनीकों का इस्तेमाल कर पुलिस के नशा विरोधी अभियान में अहम मददगार बन सकते हैं।
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पुलिस महानिदेशक अशोक तिवारी ने सोमवार को एनआईटी हमीरपुर में नशा मुक्ति अभियान के तहत आयोजित जागरूकता कार्यक्रम में विद्यार्थियों से सीधा संवाद करते हुए यह आह्वान किया। उन्होंने कहा कि तकनीकी संस्थानों के विद्यार्थी अपने ज्ञान और कौशल का इस्तेमाल पुलिसिंग को मजबूत करने में कर सकते हैं।
उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री सुखविंद्र सिंह सुक्खू के नेतृत्व में चिट्टा मुक्त हिमाचल के लिए जनआंदोलन शुरू किया गया है। नशे के खिलाफ इस लड़ाई में पुलिस के साथ युवाओं और समाज के हर वर्ग की भागीदारी जरूरी है। डीजीपी ने विद्यार्थियों को नशे के शारीरिक, मानसिक और सामाजिक दुष्प्रभावों की जानकारी देते हुए इससे दूर रहने का आह्वान किया।
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डीजीपी ने कहा कि नशे के कारोबार में संलिप्त लोगों के खिलाफ कार्रवाई जारी है। अवैध रूप से अर्जित संपत्ति भी जब्त की जा रही है। उन्होंने विद्यार्थियों और आम लोगों से आसपास नशे का कारोबार होने की जानकारी मिलने पर तुरंत पुलिस को सूचना देने की अपील की। सूचना देने वालों को नियमानुसार इनाम भी दिया जा रहा है।
उन्होंने बताया कि 16 सितंबर को ऊना में पांचवीं एंटी चिट्टा मुहिम के तहत कार्यक्रम आयोजित किया जाएगा। कार्यक्रम में एनआईटी निदेशक सूर्यवंशी, रजिस्ट्रार अर्चना ननोटी, एसपी बलवीर सिंह और एएसपी राजेश सिंह मौजूद रहे।

एनआईटी हमीरपुर में विद्यार्थियों से संवाद करते डीजीपी अशोक तिवारी। संस्थान।

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