हमीरपुर। डॉ. राधाकृष्णन मेडिकल कॉलेज हमीरपुर में आपातकालीन (इमरजेंसी) वार्ड में आने वाले मरीजों के लिए सरकारी लैब में यूरिन, हृदय रोग, शूगर सहित अन्य महत्वपूर्ण टेस्ट नहीं हो पा रहे हैं। अस्पताल की सरकारी लैब में केवल सीबीसी और आरएफटी के टेस्ट ही हो रहे हैं, जबकि आपात स्थिति में सभी प्रकार के टेस्ट की आवश्यकता होती है।
लैब में 24 घंटे टेस्ट करवाने की सुविधा कुछ समय पहले ही शुरू की गई थी, लेकिन वर्तमान में इस सुविधा में खामियां देखने को मिल रही हैं। रात के समय सरकारी लैब में जरूरी टेस्ट नहीं हो पाने की वजह से मरीजों को क्रस्ना लैब का रुख करना पड़ रहा है। आपात स्थिति में आए मरीजों के सैंपल डॉक्टर तुरंत ले लेते हैं और जो टेस्ट सरकारी लैब में उपलब्ध होते हैं, उन्हें वहीं पर कर दिया जाता है। अन्य सैंपलों को सरकारी लैब भेजा जाता है, लेकिन मशीन खराब होने के कारण यहां पर कई जरूरी टेस्ट नहीं हो पा रहे थे।
इस कारण मरीजों को परेशानी का सामना करना पड़ रहा था। मरीजों ने बताया कि रात के समय टेस्ट करवाने में कठिनाई होती है, जिससे उनकी स्थिति और गंभीर हो सकती है। मरीज कृष्णचंद, प्यारचंद, और बृजेश आदि ने कहा कि अस्पताल की लैब में टेस्ट की सुविधा पूरी तरह से सुचारू नहीं है, जिससे रात के समय काफी दिक्कतों का सामना करना पड़ता है। अस्पताल प्रशासन को जल्द ही सभी टेस्ट की सुविधाएं 24 घंटे उपलब्ध करवाने के लिए कदम उठाने की जरूरत है ताकि मरीजों को राहत मिल सके।
उधर, मेडिकल कॉलेज के प्राचार्य डॉ. रमेश भारती ने बताया कि मशीन को ठीक करवा दिया गया है और अब सभी टेस्ट सुचारू रूप से किए जा रहे हैं। अस्पताल प्रशासन मरीजों की सुविधा के लिए लगातार प्रयासरत है और लैब में आ रही दिक्कतों को जल्द से जल्द दूर किया जा रहा है।