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Hamirpur (Himachal) News: दो साल पहले ही पार्टी टिकट के लिए मंच पर चले सियासी तीर

Sat, 25 Oct 2025 01:31 AM IST
शिमला ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, हमीरपुर (हि. प्र.)
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हमीरपुर। मुख्यमंत्री सुखविंद्र सिंह सुक्खू के बड़सर दौरे के दौरान आयोजित जनसभा में मंच पर कांग्रेस नेताओं की जुबान से खूब सियासी तीर निकले। 2027 में प्रस्तावित विधानसभा चुनाव के लिए दो साल पहले ही मंच पर टिकट की दावेदारी भाषणों में झलकी। एक ओर दो बार विधायक रहे मंजीत डोगरा ने बातों ही बातों में सीएम से आगामी चुनाव में एक मौका दिए जाने की मांग की तो वहीं विधानसभा उपचुनाव के पार्टी प्रत्याशी सुभाष ढटवालिया ने मंजीत डोगरा से अपने लिए समर्थन का आशीर्वाद मांगा। दोनों नेताओं की जुबानी जंग में मंच पर सीएम सुक्खू भी मुस्कुराते दिखे।
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कार्यक्रम की शुरुआत में पूर्व विधायक मंजीत डोगरा भाषण देने के लिए पहुंचे तो सर्वप्रथम क्षेत्र की मांग रखी और फिर अपने चिरपरिचित अंदाज में बोले- मुख्यमंत्री जी मैं बेशक 74 वर्ष का हूं लेकिन चेतक घोड़े से कम नहीं हूं। एक बार आजमा कर देखिए। दौड़ में सबसे आगे रहूंगा। उन्होंने कहा कि इससे पहले भी उनकी टिकट की फाइल को गुम कर दिया गया। जब उनकी पत्नी ने जिला परिषद चुनाव लड़ा तो अनुशासनहीनता के नाम पर पार्टी में कार्रवाई हुई। उन्हें ऐसे मारा गया जैसे महाभारत में अभिमन्यु को मारा गया था। डोगरा ने कहा कि मुख्यमंत्री उनके घावों पर कोई मरहम जरूर लगाएं। इसके बाद सुभाष ढटवालिया भाषण को खड़े हुए। अपनी मांगें रखने के बाद वह भी मंजीत डोगरा के दावे पर टिप्पणी करने से नहीं चूके। उन्होंने कहा कि वह मंजीत डोगरा को महामहिम कह कर ही बुलाते हैं। दो बार वह चुनाव जीत कर क्षेत्र की सेवा कर चुके हैं। ऐसे में अब आशीर्वाद उनपर रखें। इस पर मंच पर बैठे मंजीत डोगरा असहज हो गए और आपत्ति जताने लगे। लेकिन, उनके बगल में बैठे कुटलैहड़ के विधायक विवेक ने उनका हाथ थाम कर कुर्सी पर बिठाए रखा। वहीं, दूसरी ओर से सीएम सुक्खू ने मुस्कुराते हुए शांत रहने का इशारा किया। सुभाष ढटवालिया के भाषण में उपचुनाव की हार का दर्द एक बार फिर झलका।



सुरेश बोले, डोगरा का आशीर्वाद सहना आसान नहीं



भोरंज के विधायक सुरेश कुमार ने संबोधन में उपचुनाव बड़सर में कांग्रेस की हार को स्थानीय जनता की बहुत बड़ी भूल करार दिया। उन्होंने कहा कि लालची लोगों और भाजपा के बहकावे में आकर यहां की जनता सत्ता की कुर्सी को ठुकरा कर दरी पर बैठ गई। ऐसे में अब पांच साल तक इस भूल की भरपाई नहीं हो सकती। विधायक ने कहा कि सीएम सुक्खू के खुले दिल से गर्मजोशी से स्थानीय जनता के इस स्वागत से प्रतीत हो रहा है कि लोग से पश्चाताप कर रहे है। वहीं, सुभाष ढटवालिया की ओर इशारा करते हुए कहा कि पूर्व विधायक मंजीत डोगरा का आशीर्वाद सहने की शक्ति चाहिए। डोगरा जब भी मिलते हैं तो आशीर्वाद देते वक्त पीठ पर जोर से थापी मारते हैं। उनके बड़े-बड़े हाथों की थापी सहने के लिए शक्ति चाहिए। डोगरा का आशीर्वाद उन्हें मिला है और मिलता रहेगा।
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