हमीरपुर। चुनावी साल में जलशक्ति विभाग में डिवीजन और सब डिवीजन कार्यालय खोलने की होड़ मची है। इस होड़ में विभागीय कार्यालय खोलने के सारे नियम भी टूट रहे हैं। वहीं, सरकार पर भी अत्यधिक वित्तीय बोझ पड़ रहा है, जबकि अफसरों की तुलना में फील्ड स्टाफ बहुत कम है।
हमीरपुर जिला मुख्यालय का जलशक्ति डिवीजन संभावित सूबे का पहला और एकमात्र डिवीजन होगा, जिसके अधीन महज एक सब डिवीजन है। प्रदेश में अन्य जगह डिवीजन के अधीन पांच से छह उपमंडल हैं। हमीरपुर में धरातल मंजिल में उपमंडल कार्यालय और उपरी मंजिल में अधिशासी अभियंता कार्यालय चल रहा है, जबकि पूर्व में इस मंडल के अंतर्गत पांच सब डिवीजन और 22 सेक्शन ऑफिस थे।
सुजानपुर और नादौन में नया डिवीजन खुलने से अब हमीरपुर से चार सब डिवीजन सुजानपुर, ऊहल, नादौन और धनेटा कट गए हैं। इसी तरह 22 सेक्शन ऑफिस से अब हमीरपुर डिवीजन में महज पांच सेक्शन ऑफिस रह गए हैं। 17 सेक्शन ऑफिस भी हमीरपुर डिवीजन से बाहर हो गए हैं। प्रत्येक सेक्शन ऑफिस में नियमों के तहत एक जेई, एक सर्वेयर और एक कार्य निरीक्षक तथा पलंबर और फिटर आदि होते हैं, लेकिन अब हमीरपुर में जलशक्ति विभाग के मंडल में एक एक्सईएन, एक सहायक अभियंता, पांच जूनियर इंजीनियर, पांच सर्वेयर और पांच कार्य निरीक्षक का स्टाफ रह गया है। हालांकि मुख्यमंत्री जयराम ठाकुर ने गत दिवस हमीरपुर में आयोजित कारगिल विजय दिवस समारोह के दौरान डिडवीं टिक्कर में एक सब डिवीजन खोलने की घोषणा की है, लेकिन डिडवीं टिक्कर से महज चार किलोमीटर की दूरी पर भोटा में पहले से ही जलशक्ति विभाग का सब डिवीजन है।
महज चार किलोमीटर की दूरी पर जलशक्ति विभाग के दो-दो सब डिवीजन लोगों के गले नहीं उतर रहे हैं। तेरह दिन पूर्व 13 जुलाई को भोरंज विधानसभा क्षेत्र के कंज्याण में आयोजित जनसभा में भी मुख्यमंत्री ने समीरपुर में जलशक्ति विभाग का नया उपमंडल खोलने की घोषणा की थी। हालांकि सरकार ने स्थानीय नेताओं की मांग पर ये डिवीजन और सब डिवीजन खोलने की घोषणा की है, ताकि स्थानीय लोगों को सुविधा मिले, लेकिन इसमें स्थानीय जरूरतों और विभागीय नियमों का भी ध्यान रखना जरूरी है। संवाद
उधर, कांग्रेस जिला अध्यक्ष राजेंद्र जार और बार काउंसिल के सदस्य एडवोकेट रोहित शर्मा ने कहा कि प्रदेश सरकार चुनावी साल में बिना बजट महज महज घोषणाएं कर रही है। प्रदेश सरकार पर 80 हजार करोड़ रुपये का ऋण है। वित्तीय स्थिति खराब होने के बावजूद जिस तरह से नए कार्यालय खोले जा रहे हैं, उससे सरकार के खर्चों में बेहताशा वृद्धि होगी। घाटे की पूर्ति के लिए प्रदेश की जनता पर कई तरह के टैक्स थोपे जा रहे हैं। नए कार्यालय खोलने में फील्ड सर्वे किया जाना चाहिए। अगर सरकार को कुछ करना ही है तो वह कर्मचारियों की पुरानी पेंशन को लागू करे।
जलशक्ति विभाग में यहां इतने उपमंडल हो गए
जलशक्ति विभाग के नए मंडल सुजानपुर में सुजानपुर और ऊहल दो उपमंडल हैं। नादौन में सदर नादौन, धनेटा और गलोड तीन उपमंडल हैं। बड़सर में बड़सर सदर और भोटा दो उपमंडल हैं। भोरंज में भोरंज सदर और लदरौर दो हैं, तीसरा समीरपुर में खुलेगा। हमीरपुर में हमीरपुर सदर एक है, जबकि अगर डिडवीं टिक्कर की अधिसूचना होती है तो यहां दो उपमंडल हो जाएंगे। हमीरपुर मंडल के तहत कुल 60 ग्राम पंचायतें आती हैं। नया उपमंडल खुलने के बाद हमीरपुर सदर में 38 ग्राम पंचायतें और एक नगर परिषद हमीरपुर शामिल होगी, जबकि डिडवीं टिक्कर में 22 ग्राम पंचायतें शामिल होंगी।