एचपी कॉरपोरेट सेक्टर सेवानिवृत्त कर्मचारी समन्वय कमेटी की बैठक में सदस्यों को संबोधित करते पदा?
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हमीरपुर। एचपी कॉरपोरेट सेक्टर रिटाइरीज कोऑर्डिनेशन कमेटी की बैठक जिला प्रधान राजकुमार की अध्यक्षता में हमीरपुर में वीरवार को हुई। इसमें विभिन्न निगमों, बोर्डों के सेवानिवृत्त कर्मचारियों ने भाग लिया। बैठक में सिविल सप्लाई कारपोरेशन, वन निगम, पर्यटन निगम, खादी बोर्ड, वित्त निगम से आए प्रतिनिधियों ने भाग लिया। बैठक में सरकार से मांग रखी गई कि सभी कॉरपोरेट सेक्टर से रिटायर हुए कर्मियों को पेंशन जारी की जाए।
जिलाध्यक्ष ने कहा कि वर्ष 2003 में उस समय की भाजपा सरकार के मुख्यमंत्री प्रेम कुमार धूमल से बोर्डों, निगमों के प्रतिनिधियों के समक्ष यह समझौता हुआ था कि साल 1999 तक जो भी कर्मचारी इन बोर्डों, निगमों में नियमित हो गए थे, उनको सरकार की अन्य विभागों को दी जा रही पेंशन योजना के तहत पेंशन दी जाएगी। जिसकी अधिसूचना भी उस समय जारी हो चुकी थी और इसके लिए तत्कालीन भाजपा सरकार ने पेंशन फंड में तीन करोड़ रुपये की राशि का भी प्रावधान किया था। उससे कुछ लोगों को पेंशन भी दी जा रही है। इसके बावजूद करीब 6730 सेवानिवृत्त कर्मचारियों को पेंशन सुविधा से वंचित रखा गया है।
पेंशन की आस में बहुत से लोग स्वर्ग सिधार चुके हैं। उनके परिवार बड़ी दयनीय स्थिति से गुजर रहे हैं। कइयों को तो दिहाड़ी मजदूरी कर परिवार का पालन पोषण करना पड़ रहा है। सरकार से पेंशन के मुद्दे को लेकर प्रदेश के नौ जिलों चंबा, कांगड़ा, ऊना, हमीरपुर, बिलासपुर, मंडी, कुल्लू, सोलन, सिरमौर आदि की संघर्ष कमेटियों का गठन हो चुका है और पांच मार्च को जिला शिमला की कमेटी का गठन भी कर लिया जाएगा। अब सभी निगमों, बोर्डों के सेवानिवृत्त कर्मचारी अपने अस्तित्व की लड़ाई लड़ने के लिए मजबूर हो गए हैं और अपने परिवारों सहित सड़कों पर आने के लिए एक ही झंडे के नीचे देवी लाल ठाकुर के नेतृत्व में सरकार से आरपार की लड़ाई लड़ने के लिए तैयार हो गए हैं। पहले सरकार के पास शांतिपूर्वक तरीके से चार सालों से बात पहुंचा रहे हैं, लेकिन सरकार ने अभी तक वार्ता के लिए समय नहीं दिया है। मुख्यमंत्री से मांग की है कि अपने अड़ियल रवैये को छोड़ कर जल्द से जल्द पेंशन संबंधी मांग को पूरा किया जाए अन्यथा सेवानिवृत्त कर्मचारी वृद्धावस्था में संघर्ष को मजबूर होंगे।