बिझड़ी (हमीरपुर)। विधानसभा क्षेत्र बड़सर के दो डिनोटिफाई शिक्षण संस्थान फिर खोल दिए हैं। प्रदेश सरकार से मांग के बाद इस क्षेत्र के डिनोटिफाई बिझड़ी की आईटीआई और पैरवीं के अपग्रेड शिक्षा संस्थान को खोलने की कैबिनेट मंजूरी के बाद अधिसूचना जारी कर दी है। ब्लॉक कांग्रेस अध्यक्ष केवल धीमान और प्रदेश कांग्रेस कमेटी के सचिव कृष्ण चौधरी ने विश्राम गृह बिझड़ी में आयोजित प्रेस वार्ता के दौरान कहा कि प्रदेश सरकार ने लोगों की मांग पर क्षेत्र के डिनोटिफाई हुए शिक्षा संस्थान को पुन: नोटिफाई कर दिया है। बिझड़ी में आईटीआई खोलने की घोषणा पूर्व भाजपा सरकार ने चुनावी बेला में कर दी थी। लेकिन, पूर्व भाजपा सरकार ने चुनावी बेला में इतने शिक्षा संस्थान खोलने का निर्णय लिया था। भाजपा सरकार के इस निर्णय से सरकारी कोष पर भारी भरकम खर्च पड़ रहा था। जैसे ही प्रदेश में सत्ता परिवर्तन हुआ तो सुक्खू सरकार ने पूर्व भाजपा कार्यकाल में अप्रैल के बाद हुई घोषणा को डिनोटिफाई कर दिया था। इसके चलते ढटवाल क्षेत्र के बिझड़ी में खुला आईटीआई भी डिनोटिफाई की भेंट चढ़ गया था। लिहाजा स्थानीय लोगों का एक प्रतिनिधिमंडल विधायक लखनपाल के माध्यम से मुख्यमंत्री सुखविंद्र सिंह सुक्खू से मिला। मुख्यमंत्री ने स्थानीय लोगों की इस मांग को गंभीरता से लेते हुए मंत्रिमंडल की बैठक में बिझड़ी में खुलने वाली आईटीआई व पैरवीं स्कूल को नोटिफाई कर क्षेत्र के लोगों को सौगात दे दी है। सरकार के इस निर्णय के बाद स्थानीय बच्चे अब तकनीकी शिक्षा लेने के लिए एक तो लंबी दूरी तय नहीं करेंगे। वहीं, भारी भरकम खर्च कर निजी शिक्षण संस्थानों में शिक्षा ग्रहण करने से भी छुटकारा मिल गया है।
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दानी सज्जन ने लिया 10 कनाल भूमि देने का निर्णय
इससे पूर्व आईटीआई शिक्षण संस्थान को खोलने के लिए भूमि की तलाश आड़े आ रही थी। अब बिझड़ी में खुलने वाले आईटीआई संस्थान के लिए विधायक इंद्रदत्त लखनपाल के प्रयासों से किसी दानी सज्जन ने 10 कनाल भूमि दान देने का निर्णय लिया है। विधायक लखनपाल का लोगों को आईटीआई देने का सपना भी कहीं न कहीं अब पूरा हो गया है।