हमीरपुर। घर की जिम्मेदारियों के बीच अपने हुनर को पहचानकर उसे रोजगार का जरिया बनाने वाली चौरी की कल्पना क्षेत्र की अन्य महिलाओं के लिए मिसाल बन गई हैं। कल्पना ने पारंपरिक व्यंजन तैयार करने की कला को निखारकर इसे स्वरोजगार से जोड़ लिया है।
वह घर पर सीरा, बढ़ियां और मल्टीग्रेन लड्डू तैयार कर रही हैं, जिनकी मांग अब आसपास की दुकानों तक पहुंच गई है। कल्पना ने कारोबार की शुरुआत घर से सीमित मात्रा में उत्पाद तैयार करके की।
आसपास के लोगों को उनके बनाए उत्पाद पसंद आए तो मांग बढ़ने लगी। इसके बाद उन्होंने दुकानों तक उत्पाद पहुंचाना शुरू किया और अब हर माह नियमित रूप से सप्लाई कर रही हैं। पारंपरिक स्वाद के साथ विभिन्न अनाज और सामग्री से तैयार मल्टीग्रेन लड्डुओं की मांग हर सीजन में बनी रहती है।
वह उत्पाद तैयार करने से लेकर पैकिंग और दुकानों तक पहुंचाने का काम खुद संभालती हैं। उनके पति निजी कंपनी में कार्यरत हैं। परिवार की जिम्मेदारियों के बीच कल्पना ने घर से शुरू किए काम को धीरे-धीरे नियमित कारोबार में बदल दिया।
इससे उन्हें अपनी कला को आगे बढ़ाने के साथ परिवार की आय में सहयोग करने का अवसर मिला। सीजन में उत्पादों की मांग बढ़ने पर कल्पना अन्य महिलाओं को भी काम देती हैं। इससे उन्हें स्वरोजगार के साथ अतिरिक्त आमदनी का अवसर मिलता है।