एनआईटी हमीरपुर ने की पहल, 43 हजार लीटर है जल संग्रहण की क्षमता
जल्द एनआईटी परिसर के अन्य हॉस्टल में भी होगी लागू
पारंपरिक जल स्रोतों पर निर्भरता काफी हद तक होगी कम
संवाद न्यूज एजेंसी
हमीरपुर। राष्ट्रीय प्रौद्योगिकी संस्थान (एनआईटी) हमीरपुर ने अपने हिमाद्रि छात्रावास में अत्याधुनिक वर्षा जल संचयन प्रणाली का सफल ट्रायल कर लिया है। जल संरक्षण की दिशा में एनआईटी प्रबंधन ने यह कदम उठाया है। हिमाद्रि छात्रावास में 43 हजार लीटर की क्षमता वाली नव स्थापित वर्षा जल संचयन प्रणाली का उद्देश्य छात्रावास परिसर के भीतर विभिन्न आवश्यकताओं को पूरा करने के लिए वर्षा जल को संग्रहीत करना और उपयोग करना है।
यह प्रणाली पारंपरिक जल स्रोतों पर निर्भरता को काफी कम करेगी, जल सुरक्षा को बढ़ाएगी और स्थानीय जल संसाधनों के संरक्षण में योगदान देगी। एनआईटी हमीरपुर के निदेशक प्रो. एचएम सूर्यवंशी और एनआईटी हमीरपुर की रजिस्ट्रार डॉ. अर्चना संतोष नानोटी ने हिमाद्रि छात्रावास के संरक्षक डॉ. विवेक तिवारी और हिमाद्रि छात्रावास के सहायक संरक्षक डॉ. संदीप शर्मा और छात्रावास स्टाफ और विशेष रूप से संपदा अधिकारी डॉ. हेमंत विनायक के प्रयासों की सराहना की और उम्मीद जताई कि अन्य लोगों की ओर से भी इसी तरह की पहल की जाएगी। आने वाले समय में एनआईटी के अन्य हॉस्टलों और भवनों को इस प्रणाली से जोड़ा जाएगा ताकि जल की जरूरतों को पूरा किया जा सके। हिमाद्री हॉस्टल में इस प्रोजेक्ट का निर्माण इस साल शुरू किया गया था। इसे पूरा कर लिया गया है।