हमीरपुर। लर्निंग लाइसेंस बनवाने के बाद मूल लाइसेंस बनवाने के लिए होने वाले ट्रायल के लिए वाहन चालकों को टोकन नहीं मिल रहे हैं। टोकन के लिए बार-बार एसडीएम कार्यालय के चक्कर लगाने के बावजूद चालकों को बैरंग ही लौटना पड़ रहा है। ऐसे में कई वाहन चालकों के लर्निंग लाइसेंस की अवधि भी समाप्त होने को है लेकिन, उन्हें टोकन न मिलने से मूल लाइसेंस बनवाने में परेशानी झेलनी पड़ रही है।
अमर उजाला की टीम भी टोकन लेने आए युवाओं के बीच पहुंची तो पता चला कि कुछ युवा तीसरी तो कुछ पांचवीं बार कार्यालय में टोकन लेने आए, लेकिन उन्हें टोकन नहीं मिले। एक बार में प्रशासन दो सौ वाहन चालकों को ही वाहन ट्रायल के टोकन देता है। इस बार 12 फरवरी को हमीरपुर में वाहनों के ट्रायल हैं, जिनके लिए सोमवार से टोकन लेने के लिए एसडीएम कार्यालय में भीड़ उमड़ रही है, लेकिन सोमवार दोपहर से ही अधिकतर लोग बैरंग लौट रहे हैं। यहां से टोकन खत्म होनेे का जवाब मिल रहा है। ऐसे में वाहन चालकों को परेशानी झेलनी पड़ रही है। इस संबंध में एसडीएम हमीरपुर डॉ. चिरंजी चौहान का कहना है कि कोविड-19 के कारण लर्निंग लाइसेंस वालों को एक माह की अतिरिक्त मोहलत दी गई है। 26 फरवरी को भी ट्रायल होंगे। 23 फरवरी से टोकन ले सकते हैं।
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बार-बार लगाने पड़ रहे कार्यालय के चक्कर : संजय
संजय कुमार का कहना है कि वह दो माह से लगातार टोकन लेने आ रहा है, लेकिन यहां पर टोकन खत्म होने की बात कही जा रही है। ऐसे में उसे बार-बार कार्यालय के चक्कर लगाने पड़ रहे हैं। संजय ने मांग की है कि ट्रायल के लिए निर्धारित 200 की संख्या को अब बढ़ाया जाए। कोरोना का खतरा अब पहले से कम है।
लर्निंग लाइसेंस की अवधि भी हो रही खत्म : विक्रम
विक्रम सिंह ने कहा कि तीन फरवरी को उसका लर्निंग लाइसेंस समाप्त हो गया, लेकिन उसे टोकन नहीं मिला। उसे पता चला है कि एक माह की अवधि ट्रायल के लिए बढ़ाई गई है। जब वह टोकन लेने के लिए गया तो उसे कहा गया कि टोकन खत्म है। अब 23 फरवरी को मिलेंगे। अगर उसका ट्रायल इस माह नहीं हुआ तो उसे लर्निंग लाइसेंस बनवाने के लिए दोबारा रुपये खर्च करने पड़ेंगे।
टोकन की संख्या में बढ़ोतरी करे प्रशासन : कौस्तभ
कौस्तभ ने कहा कि दूसरी बार वह ट्रायल के लिए टोकन लेने आया, लेकिन कार्यालय से टोकन खत्म होने की बात कही गई। बार-बार कार्यालय के चक्कर लगाने पड़ रहे हैं। ऐसे में प्रशासन को चाहिए कि टोकन की संख्या में बढ़ोतरी की जाए ताकि, वाहन चालकों को परेशानी न हो।