अवाहदेवी (हमीरपुर)। सुहागिन महिलाओं का प्रमुख पर्व करवाचौथ इस बार श्रद्धा और आस्था के साथ मनाया जाएगा। इस दिन महिलाएं अपने पति की लंबी आयु और सुख-समृद्धि की कामना के लिए दिनभर निर्जला व्रत रखेंगी। रात को चंद्रमा के दर्शन के बाद चंद्रमा को अर्घ्य देकर पति के हाथों जल ग्रहण कर व्रत खोला जाएगा।
अवाहदेवी निवासी पंडित वेद प्रकाश शर्मा ने कहा कि करवाचौथ की रात चंद्रोदय रात 8 बजकर 06 मिनट के बाद होने की संभावना है। हालांकि, भौगोलिक स्थिति के अनुसार अलग-अलग स्थानों पर चंद्रमा दिखाई देने के समय में कुछ अंतर हो सकता है। चंद्र दर्शन के बाद महिलाएं विधि-विधान से पूजा-अर्चना कर चंद्रमा को अर्घ्य देंगी और इसके पश्चात अपना व्रत खोलेंगी। उन्होंने कहा कि इस बार जिन सुहागिनों की पहली करवाचौथ है, उनके लिए व्रत रखना वर्जित माना है, क्योंकि इस समय शुक्र अस्त चल रहा है। धार्मिक मान्यताओं के अनुसार शुक्र अस्त के दौरान कुछ मांगलिक कार्यों और नवविवाहिताओं से जुड़े विशेष धार्मिक अनुष्ठानों को करने से परहेज किया जाता है।