बड़सर (हमीरपुर)। करोड़ों रुपये की लागत से तैयार मिनी सचिवालय बड़सर की टाइलें छह महीने में ही उखड़ना शुरू हो गई हैं। इससे लोक निर्माण विभाग की कार्यप्रणाली भी सवालों के घेरे में खड़ी हो गई हैं।
हालात ऐसे हैं कि यहां पर राहगीरों को चोट लगने का डर भी बना हुआ है। धरातल मंजिल ही नहीं, बल्कि ऊपर की मंजिल की दीवारों से भी टाइलें नीचे गिर रही है, ऐसे में चोट लगाने का खतरा लगातार बना हुआ है। कार्य में सही गुणवत्ता न होने से राहगीरों को खासी दिक्कतें पेश आने लगी हैं।
नगर पंचायत बड़सर के तहत करीब 20 करोड़ रुपये की लागत से तैयार मिनी सचिवालय में लगाई टाइलें उखड़ना शुरू हो गई हैं। मुख्यमंत्री सुखविंद्र सिंह सुक्खू ने इस मिनी सचिवालय का उद्घाटन अक्टूबर 2025 में किया था। करीब छह महीने बाद ही भवन के कई हिस्सों में दीवारों पर लगी टाइलें उखड़कर नीचे गिर रही हैं। यह समस्या धीरे-धीरे बढ़ती जा रही है, जिससे न केवल भवन की सुंदरता को दाग लग रहा है, बल्कि यहां आने वाले लोगों और कर्मचारियों की सुरक्षा भी खतरे में पड़ गई है।
स्थानीय निवासियों का कहना है कि इतने कम समय में इस तरह की खामियां सामने आना बेहद चिंताजनक है। उनका आरोप है कि निर्माण कार्य में या तो गुणवत्ता मानकों की अनदेखी की गई है या फिर घटिया सामग्री का उपयोग किया गया है। लोगों ने सवाल उठाया कि क्या निर्माण के दौरान उचित तकनीकी निरीक्षण और गुणवत्ता जांच की गई थी या नहीं।
इस पूरे मामले ने सरकारी धन के उपयोग और जवाबदेही को लेकर भी बहस छेड़ दी है। यदि शुरुआती महीनों में ही भवन की हालत खराब होने लगे, तो यह संबंधित विभाग और ठेकेदार की कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल खड़े करता है।
कोट :
मिनी सचिवालय बड़सर के भवन में लगाई गई टाइलें उखड़ने का मामला सामने आया है। इस संबंध में अधिकारियों को मौके पर भेजा गया है। ठेकेदार को निर्माण कार्य को दुरुस्त करने के निर्देश दिए हैं।
-डीसी ठाकुर, अधिशाषी अभियंता, लोक निर्माण विभाग बड़सर।
मिनी सचिवालय बड़सर के भवन की उखड़ी टाइल। संवाद