दियोटसिद्ध (हमीरपुर)। उत्तरी भारत के प्रसिद्ध सिद्धपीठ बाबा बालकनाथ मंदिर दियोटसिद्ध में रविवार को आस्था का सैलाब उमड़ पड़ा। पंजाब, हरियाणा सहित विभिन्न राज्यों से पहुंचे करीब 20 हजार श्रद्धालुओं ने बाबा के दरबार में माथा टेका और नई फसल का रोट चढ़ाकर सुख-समृद्धि की कामना की।
श्रद्धालुओं की भारी भीड़ को देखते हुए मंदिर प्रशासन ने शनिवार रात मंदिर के कपाट 24 घंटे खुले रखे, ताकि दूरदराज से आने वाले श्रद्धालुओं को दर्शन में किसी प्रकार की परेशानी न हो। कई श्रद्धालु परिवार सहित शाहतलाई से पैदल यात्रा कर दियोटसिद्ध पहुंचे।
पंजाब से रोट प्रसाद लेकर पहुंचे श्रद्धालुओं जसकीरत, मनप्रीत, डिपंल और कैंडी ने बताया कि अप्रैल माह में गेहूं की फसल कटाई के बाद वे परिवार के साथ पहली फसल का रोट बाबा बालकनाथ को अर्पित करने पहुंचे हैं। मान्यता है कि नई फसल बाबा को चढ़ाने से घर में सुख-शांति, धन-धान्य और समृद्धि बनी रहती है।
श्रद्धालुओं की सुविधा के लिए मंदिर प्रशासन और पुलिस विभाग पूरी तरह मुस्तैद रहा। मंदिर परिसर, सरायों और मुख्य मार्गों पर सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम किए गए थे। दिनभर मंदिर परिसर में भजन-कीर्तन का माहौल बना रहा और श्रद्धालु दर्शन के लिए लंबी कतारों में लगे रहे। कई श्रद्धालुओं ने बाबा के नाम पर लंगर सेवा भी लगाई, जहां हजारों भक्तों ने प्रसाद ग्रहण किया।
कोट
श्रद्धालुओं की भारी आमद को देखते हुए मंदिर प्रशासन ने सभी आवश्यक व्यवस्थाएं सुनिश्चित की हैं। श्रद्धालुओं से मंदिर प्रशासन के दिशा-निर्देशों का पालन करने और स्वच्छता बनाए रखने की अपील की गई है।
- सुभाष मल्होत्रा, मंदिर अधिकारी, बाबा बालकनाथ दियोटसिद्ध
न्यास की कार्यप्रणाली के बारे में ली जानकारी
बाबा बालक नाथ मंदिर में रविवार को शाम चार बजे के करीब सेवन स्टार पब्लिक स्कूल बणी के 500 विद्यार्थी दर्शनों के लिए पहुंचे। विद्यार्थियों ने मंदिर में दर्शन कर न्यास की कार्यप्रणाली और मंदिर के इतिहास के बारे में जानकारी ली। विद्यार्थियों के साथ अध्यापक मौजूद रहे।